रुड़की,16 जुलाई (आरएनएस )। हरिद्वार जिले में संचालित होने वाले पावर कोल्हू संचालकों के लिए गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने एक जून से पावर कोल्हुओं के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी संचालकों को लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस पावर कोल्हू संचालित करते पाए जाने पर सीलिंग समेत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के अनुसार पिछले चार वर्षों से पावर कोल्हुओं के लिए लाइसेंस व्यवस्था लागू है। आगामी पेराई सत्र को देखते हुए सहायक चीनी आयुक्त सुप्रिय मोहन ने सभी कोल्हू संचालकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र खांडसारी निरीक्षक कार्यालय, बाईपास रोड, सीतापुर (ज्वालापुर), हरिद्वार से प्राप्त किए जा सकते हैं। विभाग ने इस संबंध में कोल्हू संचालकों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में बरसात का मौसम चल रहा है और अगले महीने बारिश कम होने के बाद पावर कोल्हुओं का संचालन शुरू हो जाएगा। ऐसे में संचालन से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस पावर कोल्हू चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर ऐसे कोल्हुओं को सील कर सक्षम न्यायालय में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। पिछले पेराई सत्र 2025-26 में जिले में करीब 210 पावर कोल्हुओं के लाइसेंस जारी किए गए थे। वहीं, बिना लाइसेंस संचालित कई पावर कोल्हुओं पर विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया था। इसके तहत जिले के लिब्बरहेड़ी, बाक्खरपुर, रायसी, रहीमपुर आदि जगह चल रहे कोल्हुओं को सीज किये गए।
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