विधानसभा परिसर में दिया धरना, केंद्र से वार्ता तुरंत शुरू करने की मांग
कोलकाता। लद्दाख के पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आमरण अनशन की गूंज अब पश्चिम बंगाल विधानसभा तक पहुंच गई है। आज दोपहर को विधानसभा के भीतर का नजारा बदला हुआ नजर आया, जहां टीएमसी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता सोनम के समर्थन में लामबंद दिखे। धरने में तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और केंद्र सरकार से वांगचुक की मांगों पर तत्काल बातचीत शुरू करने की अपील की।
धरना प्रदर्शन में तृणमूल नेता शोभनदेव चटर्जी, कुणाल घोष, अलिफा अहमद, विमान बनर्जी, अशोक देव सहित अन्य नेता मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सोनम वांगचुक से बातचीत कर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जता चुकी हैं। धरना मंच से नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से जारी अनशन के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही है। वरिष्ठ नेता शोभनदेव चटर्जी ने कहा कि सोनम वांगचुक किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और शिक्षा तथा पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो यह पूरे देश की क्षति होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही वांगचुक के आंदोलन का समर्थन कर चुकी हैं और उनके निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी उनसे मुलाकात कर चुका है। उन्होंने कहा कि केवल चिकित्सकीय टीम भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार को वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से चर्चा के लिए तत्काल सरकारी प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए।

