मुंगेली, 18 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में वन अधिकार पत्रों में कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत जारी वन अधिकार पत्रों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
फर्जीवाड़े और अपात्र हितग्राहियों की होगी जांच
जिला प्रशासन के अनुसार, गठित समिति वन अधिकार पत्रों में कथित फर्जीवाड़ा, बिना वास्तविक कब्जे के पट्टा प्राप्त करने, अपात्र व्यक्तियों को वन अधिकार पत्र जारी किए जाने तथा अन्य अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत जांच करेगी। जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता, पात्रता और स्थल निरीक्षण सहित सभी संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
अपर कलेक्टर होंगे समिति के अध्यक्ष
कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति में अपर कलेक्टर जी.एल. यादव को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी अजीत पुजारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिव कुमार बांधे, अनुविभागीय अधिकारी (वन) लोरमी दशांश सूर्यवंशी, सहायक संचालक अचानकमार टाइगर रिजर्व समीर जोनाथन, जनपद पंचायत लोरमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश कुमार कंवर तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी खुडिय़ा अनिरुद्ध कश्यप को सदस्य नियुक्त किया गया है।
सात दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट
कलेक्टर ने समिति को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त सभी शिकायतों की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित हितग्राही अधिनियम के तहत पात्र हैं या नहीं, संबंधित भूमि पर उनका वास्तविक कब्जा है या नहीं तथा जारी किए गए वन अधिकार पत्र नियमानुसार हैं या नहीं। समिति को सात दिनों के भीतर अपना अभिमत सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
जिले के वनांचल क्षेत्रों से हाल के दिनों में वन अधिकार पत्र दिलाने के नाम पर कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने वन अधिकार पट्टा दिलाने का झांसा देकर उनसे राशि ली और कथित दस्तावेज उपलब्ध कराए। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया है।
बिचौलियों से सावधान रहने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय योजना या वन अधिकार पत्र के नाम पर बिचौलियों के झांसे में न आएं। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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