कोटद्वार,19 जुलाई (आरएनएस )। गबर सिंह कैंप कौडिय़ा के पास पनियाली गदेरे पर अगस्त 2023 की बाढ़ में बही पुलिया के स्थान पर तीन साल बाद भी नए पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के बाद मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की घोषणा की थी। बरसात में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग भी क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।अतिवृष्टि के दौरान आई बाढ़ में पुलिया बहने से काशीरामपुर तल्ला की अनूप विहार कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया था। सेना के गबर सिंह कैंप का प्रवेश द्वार भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद लोनिवि दुगड्डा ने करीब पांच लाख की लागत से तीन ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी मार्ग तैयार कराया था। विभाग ने रेलवे और सेना के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे भी किया लेकिन पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।वर्तमान में बरसात के कारण सड़क व वैकल्पिक मार्ग की मिट्टी बहने से सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। कॉलोनी के लोगों को अपने वाहन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खड़े करने पड़ रहे हैं। बाजार से लाया गया सामान रेलवे पटरी पार करते समय कंधों पर ढोना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे भी प्रतिदिन रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
बोले क्षेत्रवासी:
पुल निर्माण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब लोगों ने ज्ञापन देना भी बंद कर दिया है। सरकार को जनहित में शीघ्र पुल का निर्माण कराना चाहिए।
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