नई दिल्ली 23 Jully (Rns) । परीक्षा संबंधी कथित पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर में जारी प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बातचीत के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे गए हैं। हालांकि, सरकार के अनुसार इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया गया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वह स्वयं प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा करने के इच्छुक हैं। उनके अनुसार, सरकार इस मुद्दे को टकराव नहीं बल्कि संवाद के माध्यम से सुलझाना चाहती है।
प्रदर्शनकारी संगठन की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी, दोबारा परीक्षा आयोजित कराने और समय पर परिणाम घोषित करने जैसे कदम उठाए गए ताकि छात्रों की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो।
वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधारों पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने, तकनीक के व्यापक उपयोग और पेपर लीक जैसे अपराधों के मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की दिशा में भी पहल की जा रही है।
दूसरी ओर, 25 दिनों से अनशन पर बैठे शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने हालिया बयान में संवाद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल युवाओं पर दर्ज मामले वापस लिए जाते हैं, तो वह प्रदर्शनकारियों से फिलहाल आंदोलन स्थगित कर सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं या पेपर लीक के मुद्दे पर जारी गतिरोध आगे भी बना रहता है

