अल्मोड़ा(आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना में लालकृष्ण आडवाणी का योगदान हमेशा ऐतिहासिक रहेगा। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को नई दिशा और गति दी, जिसके परिणामस्वरूप यह जनभावना आगे बढ़कर एक सशक्त आंदोलन बना। राजीव गुरुरानी ने बताया कि 18 फरवरी 1989 को अल्मोड़ा के रैमजे इंटर कॉलेज प्रांगण में आयोजित विशाल जनसभा में लालकृष्ण आडवाणी ने स्पष्ट घोषणा की थी कि ‘उत्तरांचल राज्य के गठन को अब कोई नहीं रोक सकता।’ उन्होंने कहा था कि ‘उत्तरांचल राज्य न केवल इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह राष्ट्र की अखंडता और प्रगति के लिए भी जरूरी है।’ गुरुरानी ने कहा कि उस ऐतिहासिक रैली से राज्य आंदोलन को नई चेतना मिली थी। उस अवसर पर भाजपा के तत्कालीन उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कल्याण सिंह, वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र तथा उत्तरांचल राज्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष और पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्वर्गीय सोबन सिंह जीना भी उपस्थित थे। सभा से पूर्व गांधी पार्क से एक विशाल रैली चौघानपाटा, अलेक्जेंडर लाइन और मुख्य बाजार से होती हुई रैमजे इंटर कॉलेज पहुंची थी, जहां राज्य गठन की मांग का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया था। राजीव गुरुरानी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि 9 नवम्बर 2000 को उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य का गठन हुआ और यह कार्य लालकृष्ण आडवाणी के मार्गदर्शन और संकल्प से ही संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज आडवाणी के जन्मदिवस पर पूरा उत्तराखंड उन्हें नमन करता है।

