वारदात पर फूटा गुस्सा, खून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली मासूम
हुगली 9 नवंबर (आरएनएस)। इंसान कभी-कभी किस तरह से हैवान बन जाता है। रिश्ते नातों को तार तार करता ही है मानवता को भी ताक पर रख देता है। पुलिस व स्थानीय लोगों के अनुसार घटना हुगली जिले के तारकेश्वर की है। जहां एक दादा द्वार ही उसकी मासूम पोती के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आते ही हड़कंप तो मच ही गया लेकिन आरोपी के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। बंजारा समुदाय की बच्ची की हालात बेहद खराब बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार की है। बच्ची रेलवे शेड में अपनी दादी के पास सो रही थी, तभी आरोपी उसे मच्छरदानी से उठा ले गया। आरोपियों ने बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसे नाली में फेंक दिया था। जब बच्ची नहीं मिली तो परिजन ने उसकी खोजबीन शुरू की। मासूम ड्रेन के पास खून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली। उसके गालों पर दांतों से काटने के निशान भी थे। पुलिस ने बताया मामले की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, चार साल की पीडि़ता बच्ची का मेडिकल टेस्ट हो चुका है। यौन शोषण का आरोप भी साबित हो गया है। जब बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, तब आरोपी दादा इलाके में नहीं था। इसीलिए पुलिस को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसके बयान में कई विरोधाभास पाए गए। पुलिस ने यह भी अनुमान लगाया कि घटना के दौरान आरोपी दादा नशे में था। बहरहाल देर शाम मिली जानकारी के अनुसार आरोपी दादा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
घटना के बाद जब पीडि़ता बच्ची का प्राथमिक इलाज के बाद, उसके परिजन दोपहर में उसे पुलिस के पास ले गए। कथित तौर पर उन्हें थाने से चले जाने को कहा गया और पुलिस के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही थी। शाम को पुलिस बच्ची को मेडिकल जांच के लिए फिर से अस्पताल ले गई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने अस्पताल की भूमिका पर भी सवाल उठाए। स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि चार साल बर्बरता की हद को पार किया गया है। पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस ने कहा कि बच्ची के परिवार से मौखिक शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और बच्चे की मेडिकल जांच की व्यवस्था कर दी गई है। तारकेश्वर थाने की पुलिस ने कहा कि आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और उचित कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले पर तारकेश्वर विधायक रामेंदु सिंह रॉय ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। जिस जगह यह घटना हुई, वह रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है। मुझे लगता है कि रेलवे पुलिस में सुरक्षा की कमी है। राज्य पुलिस ने हमें सुबह शिकायत दर्ज करने के लिए सूचित किया था। व्यथित परिवार यह सुनकर थाने से चला गया कि उन्हें इलाज के लिए कहीं और ले जाया जाएगा। बाद में, प्रशासन ने बच्चे के इलाज सहित सभी व्यवस्थाएं कीं।” भाजपा आरामबाग संगठनात्मक जिला सचिव परना अदक ने कहा, “चार साल के बच्चे की कोई सुरक्षा नहीं है। हम चाहते हैं कि जिसने भी यह किया है, उसे उचित न्याय मिले।” बताया जा रहा है कि घायल बच्चे को चंदननगर अस्पताल भेजा गया है। हुगली जिला ग्रामीण पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू कर दी गई है।
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