हरिद्वार,09 नवंबर (आरएनएस)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में रविवार को राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्य वक्ता इंडियन एकेडमी ऑफ एनवायरमेंटल साइंसेज के अध्यक्ष प्रो. बीडी जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और अस्तित्व के लिए कई पीढिय़ों ने संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक विषमताओं और सीमित संसाधनों के बीच 25 वर्षों की यह विकास यात्रा अद्भुत और अकल्पनीय रही है। राज्य ने अपनी प्रतिभा का लोहा बार-बार मनवाया है। विशिष्ट अतिथि राज्य आंदोलनकारी विजय भंडारी और रवींद्र भट्ट रहे। विजय भंडारी ने कहा कि हमें मातृभूमि के प्रति समर्पित होकर कार्य करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि यह दिन राज्य निर्माण के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है जहां किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है। प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने युवाओं में राज्य के प्रति उत्साह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। डॉ. रजनी सिंघल, डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने अपनी प्रस्तुति दी। अमिता मल्होत्रा एवं गौरव बंसल के संयोजन में छात्र-छात्राओं ने नृत्य और संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन हुआ। कार्यक्रम संचालन डॉ. पल्लवी एवं डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रो. जेसी आर्य, डॉ. मनमोहन गुप्ता, डॉ. सुषमा नयाल, डॉ अनुरिषा, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. मनोज कुमार सोही, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. सरोज शर्मा मौजूद रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

