ऋषिकेश,10 नवंबर (आरएनएस)। श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश में भारतीय ज्ञान परम्परा उत्कृष्टता केन्द्र के तत्वावधान में व्याख्यान का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को भारतीय ज्ञान परम्परा, वेद एवं उपनिषदों की जानकारियां दीं। सोमवार को श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋशिकेश के बीसीए विभाग में भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं परंपरा विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत भारतीय शिक्षा व्यवस्था में निहित मूल्यों और परम्पराओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से विभिन्न पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान प्रणाली को शामिल किया गया है। भारतीय ज्ञान परम्परा वैज्ञानिकता, नैतिकता और आध्यात्मिकता का समन्वित रूप है, जिसे आज की पीढ़ी में पुनर्स्थापित करना आवश्यक है। भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र की निदेशक प्रो कल्पना पंत ने केन्द्र की स्थापना, उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केन्द्र का उद्देश्य भारतीय शास्त्रों, परम्पराओं और ज्ञान के विविध आयामों को आधुनिक शिक्षा से जोडऩा है, जिससे विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रसर हो सकें। बीसीए विभाग के समन्वयक डॉ. गौरव वार्ष्णेय ने कहा कि यह व्याख्यानमाला भारतीय ज्ञान परम्परा को तकनीकी शिक्षा के साथ जोडऩे की एक अभिनव पहल है। इस श्रृंखला के माध्यम से छात्र-छात्राएँ भारतीय ज्ञान प्रणाली के वैज्ञानिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझ सकेंगे। प्रथम सत्र में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विवि वाराणसी के आचार्य डॉ. विजय कुमार शर्मा ने भारतीय ज्ञान प्रणाली में वेद एवं उपनिषद का महत्व विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वेद भारतीय संस्कृति और ज्ञान परम्परा के प्राण हैं। ये केवल धार्मिक ग्रन्थ नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के संपूर्ण ज्ञान-विज्ञान का भंडार हैं। भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र की उपनिदेशक प्रो. पूनम पाठक ने कहा कि यह व्याख्यान भारतीय ज्ञान के गूढ़ तत्त्वों को सरल और आधुनिक संदर्भों से जोडऩे वाला रहा। उन्होंने कहा कि वक्ता ने वेदों के बहुआयामी स्वरूप धार्मिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक एवं मानवीय का सुंदर विवेचन किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय परम्परा में ज्ञान को केवल पुस्तकीय नहीं, बल्कि जीवनमूल्य के रूप में देखा गया है। मौके पर शिखा वार्ष्णेय, मोनिका यादव, कविता, मोनिका काला, संजय तिवारी, राहुल सुयाल आदि उपस्थित रहे।
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