आजमगढ़ 11 नवम्बर(आर एन एस)उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज विधिक सहायता दिवस के परिप्रेक्ष्य में शिब्ली नेशनल कॉलेज विधि संकाय, आजमगढ़ में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय, आजमगढ़ अंकित वर्मा द्वारा सर्वप्रथम कॉलेज में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में विजिट किया गया, जहॉ क्लीनिक के को-आर्डीनेटर डॉ0 हारिस उमर द्वारा बताया गया कि क्लीनिक में विजिट करने वाले हितधारकों को विधिक जानकारी प्रदान की जाती है। अभी तक कुल 24 लोगों को लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से विधिक जानकारी प्रदान की गयी है। विधिक जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन में कॉलेज के विधि संकाय के छात्र-छात्राओं द्वारा भी पॉश एक्ट, दहेज प्रथा, समानता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार इत्यादि विषयक जानकारी प्रदान की गयी।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 में बनाया गया तथा 09 नवम्बर, 1995 में लागू हुआ। इस अधिनियम का उद्देश्य समाज के हासिये पर पड़े और वंचित वर्गों को नि:शुल्क और सक्षम विधिक सेवायें प्रदान करना है। यदि किसी भी व्यक्ति को विधिक सहायता से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करनी है तो वह नालसा के टोल फ्री नं0- 15100 पर काल कर अथवा जनपद में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में विजिट कर जानकारी प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेन्ट प्रोफेसर कंचन यादव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज के पिं्रसिपल प्रोफेसर अशरफ, शिब्ली नेशनल कॉलेज विधि संकाय के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर काजी नदीम आलम, लीगल एड क्लीनिक के समन्वयक डॉ0 हारिस उमर, प्रोफेसर खालिद समीम, असिस्टेन्ट प्रोफेसर जफर आलम व कॉलेज के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।
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