आजमगढ़ ,11 नवंबर(आर एन एस) गौ-सेवा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सख्त रुख अपनाए हुए हों और गौशालाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त न करने की नीति पर अडिग हों, लेकिन आजमगढ़ जनपद की मार्टिनगंज नगर पंचायत में संचालित गौशाला की स्थिति ने शासन की नीतियों की पोल खोल दी है।मार्टिनगंज नगर पंचायत में गौशाला की भयावह स्थिति सामने आने के बाद अधिशासी अधिकारी आशीष कुमार राय के खिलाफ दीदारगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत रामस्वारथ राजभर द्वारा दर्ज कराया गया है।सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने 10 नवंबर को दोपहर लगभग 2:30 बजे मार्टिनगंज गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आया, वह दिल दहला देने वाला था। बताया गया कि जीवित गोवंश को जबरन खींचकर गौशाला के भंडारघर के पीछे छिपाया गया था, ताकि किसी की नजर न पड़े। वहीं गौशाला के पिछले हिस्से में मृत गोवंशों का ढेर लगा हुआ था, जिन्हें कुत्ते और कौवे नोच रहे थे।इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए तिरपाल या किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। तहरीर में उल्लेख किया गया है कि गौशाला का संचालन नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आशीष कुमार राय द्वारा किया जा रहा था।गौरतलब है कि नगर पंचायत की अध्यक्ष भाजपा जिलाध्यक्ष के करीबी की पत्नी बताई जा रही हैं। ऐसे में इस प्रकरण ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन की मंशा पर पानी फेरने वाली ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में गौशालाओं की दुर्दशा न हो सके।
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