कई सूबों से पहुंचें अकीदतमंद, सूफिय़ाना कलाम और महफि़ल-ए-समा से गूंजा आलम-ए- फज़ा
प्रयागराज 12 नवंबर (आरएनएस )। दरबार- ए-सफ़वी, शाह नूर अलीगंज में सालाना उर्स-ए-मुबारक का आग़ाज़ 9 नवम्बर से शुरू हुआ, जो 12 नवम्बर 2025 तक जारी रहा। यह चार रोज़ा उर्स-ए-पाक हर साल की तरह इस बार भी अकीदतमंदों और मुहिब्बाने औलिया के इश्क़ और इबादत का मंजऱ पेश किया।
कार्यक्रम के सैयादा नशीन (सज्जाद) हकीम रिज़वान हामिद सफ़वी हैं, जो सज्जादा नशीन दरबार-ए-सफ़वी भी हैं। 9 नवम्बर से उर्स का आग़ाज़ नमाज़-ए-फज्र के बाद कुरआनख़्वानी से किया गया।
सुबह 9 बजे फ़ातिहा हजऱत क़ादिर उल्लाह शाह रहमतुल्लाह अलैह के नाम की अदा की गई ।
आज आखऱिी दिन हजऱत मौलाना महबूब उल्लाह अल- मआरूफ़ हकीम मोहम्मद हामिद सफ़वी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स की रस्में अदा हूई।
सुबह 10 बजे काला डंडा क़ब्रिस्तान आस्ताने पर गुस्ल व चादरपोशी की रस्म अदा की गई।
रात 9 बजे से दरबार-ए-सफ़वी, शाह नूर अलीगंज में महफि़ल- ए-समा का अख़्तितामी प्रोग्राम मुनअकि़द हुआ, जिसके बाद उर्स-ए-मुबारक के समापन की औपचारिक घोषणा की गई।इस मौके पर विभिन्न प्रदेशों से बड़ी तादाद में अकीदतमंदों उर्स में पहुंचे।
जबलपुर से आए हुए कव्वाल इब्राहिम जबलपुर ने अपने कलम से सभी का मन मोह लिया कव्वाल मोइन (ताज) उन्नाव ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किया, अरशद हुसैन (पप्पू) काकोरी लखनऊ ने अपने कलम पेश कियाश। अकरम शगुन ने कव्वालों को नजराना पेश किया महबूब डाबर ने चारो दिन उर्स में बाहर से आए हुए हकीकतमदों की खिदमत की।
कई दर्जन पत्रकारों समाजसेवी और प्रशासन के लोगों को अंग वस्त्र बुके देखकर सम्मानित किया गया। शाहगंज थाना इंचार्ज कपिल कुमार चहल, एल आई यू के मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी, समाजसेवी मोहम्मद अकरम शगुन को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया।
तमाम इंतज़ामात और निगरानी सज्जादा नशीन हकीम रिज़वान हामिद सफ़वी की सरपरस्ती में की जाएगी।
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