दुर्ग 30 जून (आरएनएस) “एक अच्छा पुलिस अधिकारी सिर्फ कानून का जानकार नहीं, बल्कि तकनीक में दक्ष, अनुशासित और जनता के प्रति संवेदनशील भी होना चाहिए।” इसी संदेश के साथ दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने पुलिस लाइन स्थित दधीचि सभागार में प्रशिक्षण ले रहे 47 उप निरीक्षकों और 1 सूबेदार को भविष्य की पुलिसिंग का रोडमैप समझाया। प्रशिक्षण समीक्षा कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि आज की पुलिसिंग केवल वर्दी और अधिकार तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, पारदर्शिता और जनविश्वास ही एक सफल पुलिस अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान है।
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने प्रशिक्षणार्थियों की अब तक की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण काल ही पूरे सेवा जीवन की सबसे मजबूत नींव होता है। इस दौरान सीखी गई कार्यशैली, अनुशासन और व्यवहार ही भविष्य में पुलिस अधिकारी की पहचान बनते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सदैव फिट रहने, कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष और संवेदनशील पुलिसिंग करने तथा हर नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने की सीख दी।
उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग में सीसीटीएनएस, ऑनलाइन चालान प्रणाली, ई-साक्ष्य संकलन, ई-एफएसएल, समन्वय पोर्टल, मेडलीपार और नेटग्रिड जैसी डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही गुणवत्तापूर्ण केस डायरी लेखन, वैज्ञानिक विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, समयबद्ध अनुसंधान और मजबूत न्यायालयीन कार्यवाही के महत्व को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने साइबर अपराध, विवेचना, तकनीकी पुलिसिंग और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका आईजी ने विस्तार से जवाब देते हुए उन्हें व्यवहारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पुलिस का सबसे बड़ा दायित्व केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और समाज का विश्वास जीतना भी है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी मणिशंकर चन्द्रा, डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बहरहाल बदलते दौर में वही पुलिस अधिकारी सफल होगा, जो कानून के साथ तकनीक, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं का संतुलन बनाए रखे। दुर्ग में दिया गया यह संदेश आने वाली पुलिसिंग की नई दिशा का संकेत माना जा रहा है।




