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Author: tarun sardar
कोलकाता,27 अपै्रल (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर अब पूरी तरह से थम चुका है। यहां दो चरणों में चुनाव होना है, जिसमें से पहले चरण का मतदान हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। ऐसे में दूसरे चरण के लिए मतदान को लेकर चुनाव प्रचार आज शाम तक जारी रहा। शाम 5 बजे पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद अब 29 अप्रैल को मतदान होना है। बता दें कि इस दौरान सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। एक तरफ बीजेपी और दूसरी तरफ टीएमसी…
सीतापुर 27 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। बिसवां में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, वहीं मछरेहटा में एक युवती ने जहर खाकर अपनी जान गंवा दी। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। बिसवां कोतवाली क्षेत्र के कस्बा स्थित मन्साराम मंदिर के पास सोमवार दोपहर अमरनगर निवासी अंकुश (22) पुत्र संतोष कुमार विश्वकर्मा का शव शमशान घाट में पेड़ से लटका मिला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच…
– अंतिम विदाई की एक झलक तक न देख सकी पत्नी, गांव की हर आंख नम संदना/सीतापुर 27 अप्रैल (आरएनएस)। संदना क्षेत्र के सरोसा गांव में सोमवार की सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर दिल को अंदर तक झकझोर दिया। एक साथ पिता और उसके मासूम बेटे के जनाजे उठे तो पूरा गांव सिसक पड़ा। हवा में चीखें थीं, आंखों में आंसू और हर चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था। रविवार शाम सड़क हादसे में 27 वर्षीय संजय और उसके छह माह के मासूम पुत्र भोला शंकर की मौत हो गई थी। देर शाम जब दोनों…
नई दिल्ली,27 अपै्रल (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि शादी के झूठे वादे के आधार पर यौन शोषण का आरोप उस रिश्ते में कैसे लगाया जा सकता है, जो एक लंबा लिव-इन रिलेशनशिप रहा हो और उनका एक बच्चा भी है. यह मामला जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच के सामने आया. बेंच एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें शादी का झांसा देकर बलात्कार का आरोप लगाया गया था. इस मामले में, दोनों पक्ष करीब 15 साल तक साथ रहे थे और उनका एक बच्चा…
नई दिल्ली,27 अपै्रल (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महिला वकील पर उसके पति द्वारा कथित तौर पर किए गए बेरहमी से हमले का संज्ञान लिया और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी, खासकर एसीपी या डीसीपी रैंक की महिला अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले में खुद से कार्रवाई की. बेंच ने जांच अधिकारी से तीन अस्पतालों द्वारा पीडि़त को भर्ती करने से मना करने के पहलू पर भी गौर करने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश दिए. बेंच ने कहा…
