आजमगढ़ 14 नवम्बर(आर एन एस )विनोद कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम मुख्यालय, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आजमगढ़ जनपद पुलिस द्वारा आयोजित परिक्षेत्र-स्तरीय हाइब्रिड मॉडल साइबर जागरूकता कार्यशाला का सम्बोधन किया गया एवं साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर – 1930 और वेबसाईट: ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर त्रशद्यस्रद्गठ्ठ ॥शह्वह्म् में अर्थात शीघ्रातिशीघ्र शिकायत दर्ज करने की महत्ता तथा साइबर स्लैवरी के संबंध में आजमगढ़ रेंज के स्कूलों की बालिकाओं, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं समाज के अन्य वर्ग के सदस्यों तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया ।
श्री विनोद कुमार सिंह, आई. पी. एस., पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम मुख्यालय, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. द्वारा आज दिनांक 14.11.2025 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आजमगढ़ जनपद पुलिस द्वारा आयोजित परिक्षेत्र-स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशाला में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर – 1930 और वेबसाईट: ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर त्रशद्यस्रद्गठ्ठ ॥शह्वह्म् में अर्थात शीघ्रातिशीघ्र शिकायत दर्ज करने की महत्ता तथा साइबर स्लैवरी के संबंध में आजमगढ़ रेंज के स्कूलों की बालिकाओं, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं समाज के अन्य वर्ग के सदस्यों तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया7 कार्यशाला के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी ज़ोन वाराणसी महोदय द्वारा ऑनलाइन प्रतिभाग किया गया7 पुलिस उप महा निरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ द्वारा स्वयं कार्यक्रम स्थल श्री हरिऔध कला केंद्र सभागार में उपस्थित रहकर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया, एवं पुलिस अधीक्षक, बलिया द्वारा ऑन लाइन प्रतिभाग किया गया7
पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम द्वारा अपने सम्बोधन में साइबर जागरूकता कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न स्कूलों के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं, विभिन्न व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि, ऑनलाइन माध्यम से जुड़े जनपद आजमगढ़ एवं बलिया के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं, आजमगढ़ रेंज के साइबर सेल तथा थानों के पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों को सर्वप्रथम साइबर-स्लैवरी के खतरे के बारे में आगाह किया गया और बताया गया कि भारत सरकार द्वारा 467 बंधक बनाए गए भारतीय व्यक्तियों को म्यांमार से मुक्त कराया गया है, जिन्हें विदेशों में नौकरी के नाम पर बुलाकर उनके पासपोर्ट, वीजा एवं पहचान प्रपत्र छीन कर उनसे जबरन भारतीयों के ही विरुद्ध डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटोरसन एवं धोखाधड़ी जैसे अपराध कराए जा रहे थे7 अवगत कराया गया कि इनमें से 67 व्यक्ति उत्तर प्रदेश के थे, जिनमें से 4 व्यक्ति जनपद आजमगढ़ के एवं 1 व्यक्ति जनपद बलिया का भी था, जिनसे पूछताछ कर जानकारी करने का प्रयास किया जा रहा है कि, उनको किस तरह से साइबर अपराध की दुनिया में संलिप्त किया गया7
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश महोदय द्वारा साइबर अपराध को दस प्राथमिकताओं में चिह्नित कर नियंत्रण हेतु किए गए प्रयासों के संबंध में पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम द्वारा बताया गया7 कि:-
1. साइबर अपराधी पीडि़त के साथ माइन्ड-गेम खेलते हैं7 वो हमें लालच में फँसातें हैं अथवा भय दिखाकर हमारे साथ धोखाधड़ी करते हैं7 साइबर फ्रॉड में फंसे पैसे को तत्काल बैंकिंग सिस्टम में ही रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अक्तूबर माह में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह का आयोजन किया गया था7 परंतु सिर्फ एक माह का जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं है7 पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के साइबर क्राइम को उत्तर प्रदेश पुलिस की दस प्राथमिकताओं में चिह्नित करने से इन अपराधों की रोकथाम और अनावरण में तेजी आई है7
2. अवगत कराया गया कि साइबर अपराधों से पढे लिखे लोग भी बहुत संख्या में प्रभावित होते हैं, क्योंकि पीडि़त द्वारा कॉमन सेन्स का प्रयोग नहीं किया जाता; यह नहीं सोच जाता कि क्या ऐसा संभव भी है, जैसा साइबर अपराधी कह रहा है7 यथा, क्या शेयर मार्केट में निवेश से इतना ऊंचा लाभ मिल सकता है, जैसा सामने वाला व्यक्ति कह रहा है7 क्या वास्तव में पुलिस किसी को फोन पर अरेस्ट कर भी सकती है?
3. साइबर अपराधों से बचने हेतु पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम द्वारा
्र. स्टॉप,
क्च. लुक और
ष्ट. ऐक्ट का फार्मूला बताया गया
अर्थात, किसी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क करने पर एक क्षण रुकें, देखें कि क्या जो अमुक व्यक्ति कह रहा है यह संभव भी है अथवा नहीं; और इसके पश्चात कोई निर्णय लेकर कदम उठायें7
4. जन-सामान्य का पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम महोदय द्वारा आह्वान किया गया कि वे भी जागरूकता के प्रचार प्रसार के प्रयासों में सम्मिलित हों7 बिना जन-सामान्य के पुलिस के साथ साइबर जागरूकता अभियान में सम्मिलित हुए, पूर्ण सफलता संभव नहीं है, क्योंकि जागरूकता साइबर अपराधों की रोकथाम में केंद्र बिन्दु है7
5. साइबर अपराधों के प्रति सजग एवं सावधान रहें, परंतु फिर भी अपराध हो जाए तो, सड़क – दुर्घटना के एक घंटे के गोल्डन आवर (त्रशद्यस्रद्गठ्ठ ॥शह्वह्म्) के अंदर घायल के अस्पताल पहुँच जाने पर उसकी जान बच जाने का उदाहरण देते हुए बताया गया कि साइबर फ्रॉड हो जाने पर शीघ्रतम 1930 साइबर हेल्पलाइन पर या वेबसाईट: ष्4ड्ढद्गह्म् ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर सूचना दर्ज कराएं7 इससे फ्रॉड धनराशि को अपराधी के अकाउंट में जाने से रोका जा सकेगा, और पैसा बैंकिंग सिस्टम में ही बना रहेगा7 इसलिए बिना समय नष्ट किए अपराध कि सूचना वेबसाईट या हेल्पलाइन में दिए जाने की जागरूकता का प्रचार प्रसार किया जाए और साइबर थानों एवं सेल द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाय7 इस हेतु 1930 हेल्प लाइन कि क्षमता भी बढ़ाई जा रही है7 यह कार्यवाही फस्र्ट-ऐड (स्नद्बह्म्ह्यह्ल ्रद्बस्र) की तरह होनी चाहिए 7 पैसे को बैंकिंग सिस्टम में तत्काल रोकने हेतु बैंक, पेमेंट गेटवे, पुलिस, हेल्पलाइन 1930 आदि का संयुक्त ष्ट4ड्ढद्गह्म् स्नह्म्ड्डह्वस्र रूद्बह्लद्बद्दड्डह्लद्बशठ्ठ ष्टद्गठ्ठह्लह्म्द्ग (ष्टस्नरूष्ट) का गठन ढ्ढठ्ठस्रद्बड्डठ्ठ ष्ट4ड्ढद्गह्म् ष्टह्म्द्बद्वद्ग ष्टश-शह्म्स्रद्बठ्ठड्डह्लद्बशठ्ठ ष्टद्गठ्ठह्लह्म्द्ग (ढ्ढ4ष्ट) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है7
6. किए गए प्रयासों से आज की डेट में धोखाधड़ी किए गए रकम का 22 प्रतिशत बचाने में हम सफल हो पा रहे हैं, जबकि 2024 में यह प्रतिशत केवल 12 था7
एडीजी जोन वाराणसी श्री पीयूष मोर्डिया महोदय ने पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम, उत्तर प्रदेश का धन्यवाद ज्ञापन किया गया7 कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ डॉ. अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विवेक त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री चिराग जैन साइबर एक्सपर्ट श्री संजय मिश्र, साइबर कमांडो मनीष सिंह, द्वारा मिशन शक्ति फेज 5.0 एवं साइबर जागरूकता के संबंध में विचार प्रकट किए गए7 कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी नगर श्री शुभम तोदी, क्षेत्राधिकारी सादर श्रीमती आस्था जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस थाना, प्रभारी साइबर सेल उप निरीक्षक सागर कुमार रंगू एवं साइबर सेल मुख्य आरक्षी ओम प्रकाश जायसवाल, आलोक एवं विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, व्यापारी व गणमान्यजन, पत्रकारबन्धु साथ ही साथ जनपद बलिया व मऊ के साइबर कर्मी तथा ऑनलाइन माध्यम से थाना स्तर के जनपद के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में पुलिस उप महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ श्री सुनील कुमार सिंह द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों से परिचर्चा की गई, एवं संवाद के माध्यम से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन किया गया एवं कार्यक्रम को समाप्त घोषित किया गया7
कार्यक्रम का मंच संचालन अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी एवं उप निरीक्षक पूनम विश्वकर्मा द्वारा किया गया।
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