प्रयागराज 14 नवंबर (आरएनएस)। नया परिमल, हिन्दुस्तानी एकेडेमी व हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नया परिमल – नया संवाद के अन्तर्गत साहित्य : संस्कार और रोजग़ार विषय पर व्याख्यान का आयोजन बाल दिवस के शुभ अवसर पर किया गया। यह आयोजन प्रो. धीरेन्द्र वर्मा शताब्दी सभागार हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य एवं नया परिमल के संस्थापक व सचिव डॉ. विनम्र सेन सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह, आचार्य हिन्दी विभाग ने की। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार एवं सुविख्यात कथाकार नवीन चौधरी, विशिष्ट वक्ता के रूप में सुपरिचित पत्रकार अरुण तिवारी, स्वागत वक्तव्य डॉ. सुजीत कुमार सिंह एवं कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. विनम्र सेन सिंह जी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शुरुआत हुई।
सुपरिचित पत्रकार अरुण तिवारी ने कहा कि साहित्य के पत्रों को स्वयं से जोडऩे की आवश्यकता है। साथ ही साथ उन्होंने विषय की समझ को बहुआयामी बनाकर उसे रोजगार सृजन के अनुरूप जोडऩे की बात कही। उन्होंने साहित्य कृत्रिमता से बचाने का आग्रह किया और उसे आर्थिक रूप से समाज के प्रति जुड़े रहने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नवीन चौधरी ने कहा कि अभिव्यक्ति के लिए भाषा का चुनाव संस्कार के द्वारा ही होता है। किताब को पढऩे से भाषा और उच्चारण की शुद्धता पर बल देते हुए उन्होंने पुस्तकों को अधिक से अधिक पढऩे का आग्रह किया।
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