जौनपुर 18 नवंबर (आरएनएस )।भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति द्वारा सैनिक कल्याण कार्यालय जौनपुर में 1962 के रेजांगला के शहीदों की याद में शौर्य दिवस समारोह मनाया गया। शौर्य दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कर्नल राजबहादुर सिंह ने कहा कि रेजांगला की लड़ाई दुनिया की अनूठी लड़ाई थी। जहां 13 कुमाऊं की चार्ली कंपनी जिसे अहीर कंपनी भी कहा जाता था। इसके 120 जवानों ने ना सिर्फ चीनी सेना के सैलाब को रोका। बल्कि चीनी सेना को एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा करने के लिए मजबूर कर दिया। वह भी उस स्थिति में जब भारतीय सेना के पास हथियारों की कमी थी। जिसे अंग्रेज छोड़ गए थे। जबकि चीनी सेना के पास अत्याधुनिक हथियार थे। इसलिए हम आज उस वीर जवानों को नमन करते हैं। जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिया, लेकिन दुश्मनों के आगे पीठ नहीं दिखाया। बतौर विशिष्ट अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद डॉ ब्रजेश कुमार यदुवंशी ने कहा कि रेजांगला की जंग भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम की ऐसी मिसाल है जो दुनिया के सैन्य इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। रैजांगला शौर्य दिवस समारोह को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव फौजी ने कहा कि रेजांगला युद्ध में 120 जवान शामिल हुए थे। जिसमें 114 जवान लड़ाई के दौरान शहीद हो गए थे। इस लड़ाई में सभी जवान भारत माता के सच्चे सपूत थे। जिसने अपनी धरती की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी, लेकिन पीठ नहीं दिखायी। गोला बारूद खत्म होने के बाद भी बहादुरी से भारतीय सैनिकों ने यह लड़ाई लड़ी थी। शहीद जिलाजीत यादव की पत्नी वीर वधू पूनम यादव, लक्ष्मी यादव, ओमप्रकाश राजभर, कर्नल राजबहादुर सिंह, प्रख्यात साहित्यकार डॉ ब्रजेश कुमार यदुवंशी व असलम को सम्मानित किया गया। पूर्व सैनिक रामधारी पाल, ओमप्रकाश राजभर, उमाशंकर यादव, आशीष यादव, विजय बहादुर यादव,शिव शंकर यादव, कृष्ण प्रसाद, बृजेश यादव, कमलेश यादव, मुन्नालाल, त्रिभुवन यादव,श्यामा चरण यादव आदि उपस्थित रहे।
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