प्रयागराज 18 नवंबर (आरएनएस )। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने आज सुबह सवेरे थार्नहिल रोड पर स्थित सीज की हुई दुकानों को बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर के सहायता से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के पीले पंजे ने आज तड़के ही अपना प्रकोप दिखाना शुरू किया। जिसके बाद ढाबा संचालकों और व्यापारियों के बीच में रोष व्याप्त हो गया। उनका कहना है कि जब पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है और 20 जनवरी 2026 को तारीख लगी है उससे पहले विकास प्राधिकरण द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरीके से गलत और विसंगति पूर्ण है।
इस विषय पर व्यापारियों एवं ढाबा संचालकों का कहना है कि यह भूमि नजूल की है और उन्हें 100 साल के पट्टे पर मिली हुई है। इस पूरे मामले में राज्य सरकार बनाम व्यापारी मामला सुप्रीम कोर्ट के अंतर्गत चल रहा है और आगामी 20 जनवरी को इस पर सुनवाई होनी है उसके बावजूद प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के ढाबे तोड़ दिए गए। जबकि 2 दिन पहले भी बिना सूचना के अतिक्रमण के नाम पर ढाबों को सीज कर दिया गया। व्यापारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पीडीए का केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करना है बल्कि भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उन्हें बुलाकर उनसे पैसों की मांग की गई थी और जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो सुबह सवेरे यह कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों के कई उपकरण एवं सामान भी नष्ट हो गए। जिनमें फ्रिज टीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुख्य रूप से हैं। व्यापारियों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण में सरकार द्वारा संज्ञान लेते हुए भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और फौरन न्याय दिया जाए क्योंकि यह पूरा प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
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