प्रयागराज 18 नवंबर (आरएनएस )। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत आयोजित माली (गार्डनर) प्रशिक्षण कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ वीरेंद्र सिंह द्वारा प्रतिभागियों को गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर जानकारी दी।
इस अवसर पर उन्होंने कहा की यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम लागत से एक बहुत बड़ा व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है डॉ सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि नए गार्डन का विकास, पुष्प व्यवसाय, नर्सरी का व्यवसाय, किचन गार्डन, के अलावा बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जो उद्यान से जुड़े हुए हैं प्रतिभागी तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में अजय श्रीवास्तव उपाध्यक्ष सरला स्मृति संस्थान लखनऊ द्वारा जैविक खाद के उत्पादन तथा उनके भंडारण पर जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक फसलों विशेष रूप से फूल, फल, सब्जी आदि के पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट एक वरदान है। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की तकनीक एवं प्रायोगिक जानकारी से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
इसके अलावा केंद्र के उद्यान निरीक्षक संदीप सिंह द्वारा उद्यान विभाग की संचालित योजनाओं एवं उनके आवेदन की जानकारी दी गई साथ ही साथ औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के विवेक श्रीवास्तव, अमित सिंह आदि के द्वारा तकनीकी जानकारी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, भदोही, चित्रकूट, बांदा, ललितपुर आदि के 50 प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी प्रशिक्षण वी के सिंह द्वारा किया गया।
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