लखनऊ, 18 नवंबर (आरएनएस ) मदेयगंज स्थित अवध एजुकेशनल एकेडमी इंटर कॉलेज के 30 विद्यार्थियों और तीन शिक्षकों ने मंगलवार को लखनऊ के एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (ष्ठञ्ज-112) में शैक्षिक भ्रमण कर प्रदेश की आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझा। इस अध्ययन यात्रा ने छात्रों को पुलिस, फायर सेवा और एम्बुलेंस सहित इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम के संचालन और तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया। यह अनुभव छात्रों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी समझ को भी मजबूत करता दिखाई दिया।भ्रमण के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त यूपी-112, सौम्या पाण्डेय ने विद्यार्थियों को कंट्रोल रूम की पूरी कार्यप्रणाली का विस्तृत परिचय कराया। उन्होंने बताया कि यूपी-112 प्रदेश की एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके माध्यम से नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शहरी क्षेत्रों में औसतन सात मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में दस से ग्यारह मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध हो जाती है। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी भी आपात स्थिति में कॉल प्राप्त होते ही सूचना तुरंत कंट्रोल रूम में प्रोसेस होती है और नजदीकी पुलिस रिस्पॉन्स वाहन को मौके पर भेज दिया जाता है। शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने तक कार्रवाई लगातार चलती रहती है, जिससे सेवा की पारदर्शिता और संवेदनशीलता का अंदाजा मिलता है।कंट्रोल रूम में छात्रों ने कॉल हैंडलिंग प्रोटोकॉल, त्रक्कस् आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली, आपातकालीन संदेश प्रेषण और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को प्रत्यक्ष रूप से देखा। एक डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह दिखाया गया कि आपातकालीन कॉल आने पर पुलिस, फायर और एम्बुलेंस सेवाएं किस प्रकार तुरंत सक्रिय हो जाती हैं। इससे छात्रों को तकनीकी प्रणाली और वास्तविक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।भ्रमण के दौरान छात्रों को महिला सुरक्षा से जुड़ी हृढ्ढत्र॥ञ्ज श्वस्ष्टह्रक्रञ्ज सेवा के बारे में भी जानकारी दी गई। इस सेवा के तहत जरूरतमंद महिलाओं को रात के समय महिला क्कक्रङ्क द्वारा सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। साथ ही 112 इंडिया ऐप के बारे में बताया गया, जिसमें स्ह्रस् बटन दबाते ही पीडि़त की लोकेशन सीधा लखनऊ मुख्यालय को प्राप्त हो जाती है और आपातकालीन सहायता तत्काल प्रदान की जाती है।अध्ययन यात्रा में साइबर अपराध जागरूकता पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। छात्रों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, ह्रञ्जक्क धोखाधड़ी जैसे बढ़ते साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। उन्हें सावधान किया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ईमेल पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी या ह्रञ्जक्क किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई।शिक्षकों ने इस भ्रमण को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उनके अनुसार, इस अनुभव ने छात्रों को न केवल आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली समझाई, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी विकसित की। यह भ्रमण छात्रों के लिए एक जीवंत और व्यवहारिक शैक्षिक अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें नागरिक सुरक्षा तंत्र की गहराई से समझ प्रदान की।अवध एजुकेशनल एकेडमी के विद्यार्थियों का यह शैक्षिक भ्रमण यूपी-112 की अत्याधुनिक व्यवस्था और तकनीकी दक्षता को करीब से समझने का उत्कृष्ट अवसर बना। यूपी-112 द्वारा आयोजित यह पहल युवा पीढ़ी में पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाने, सुरक्षा जागरूकता को प्रोत्साहित करने और भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
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