अयोध्या 26 नवंबर (आरएनएस )। अघन पंचमी के पावन अवसर पर साकेतवासी श्री श्री 1008 महन्त रामस्वरूप दास महाराज (निमियां बाबा) की पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धाभाव से मनाई गई। जानकी निवास, प्रमोदवन स्थित स्थान पर आयोजित इस भव्य समारोह में मणिराम दास की छावनी के महन्त कमलनयन दास की उपस्थिति रही। समारोह का आयोजन पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर महन्त मदनमोहन दास महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पांजलि और ध्यान-स्तवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। संत समाज, गुरु भाई और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने निमियां बाबा को भावपूर्ण स्मरण किया। महन्त कमलनयन दास ने कहा कि निमियां बाबा आध्यात्मिकता, करुणा और सरलता की जीवंत प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कहा कि बाबा ने सदैव समाज नचसपजिउमदज, सेवा और धर्म की मर्यादाओं को सर्वोपरि रखा। उनके जीवन आदर्श संत परंपरा की आधारशिला हैं और आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने सभी गुरु भाइयों और श्रद्धालुओं से बाबा के बताए मार्ग पर चलकर सेवा, प्रेम और समरसता का वातावरण बनाने का आह्वान किया। पीठाधीश्वर महन्त मदनमोहन दास ने भी निमियां बाबा के तप और त्याग को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संतत्व की परिभाषा है। वे ब्रह्मऋषि स्वरूप थे जिनका संपूर्ण जीवन लोककल्याण के लिए समर्पित रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत हवन, भंडारा और प्रसाद वितरण आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया। समस्त गुरु भाइयों ने सामूहिक रूप से निमियां बाबा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके पावन चरणों में नमन किया। इस दौरान बृजमोहन दास, सीताराम दास त्यागी ,राम भूषण दास धनुषधारी, पुजारी अवध राम दास, हरिराम दास , राम बालक दास , राम शंकर दास लक्कड़ बाबा, त्यागी शिवम दास और अन्य लोग मौजूद रहे।
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