उन्नाव,लखनऊ 26 नवंबर (आरएनएस ) । अंतरराष्ट्रीय महत्व रखने वाले शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी अभ्यारण्य में पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक एआर-वीआर डोम की सुविधा जल्द उपलब्ध होने वाली है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा अभ्यारण्य में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास कराया जा रहा है, जिन पर लगभग 2.81 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य के ईको टूरिज्म केंद्रों पर पहली बार आगंतुकों को जंगल का वर्चुअल अनुभव प्राप्त होगा। यह अभ्यारण्य लखनऊ से लगभग 43 किलोमीटर दूर, कानपुर हाईवे पर स्थित है और प्रमुख रामसर साइट के रूप में जाना जाता है। पक्षी प्रेमियों, प्रकृति के निकट अनुभव चाहने वाले और शहरी भागदौड़ से दूर शांत वातावरण की तलाश में आए पर्यटकों के लिए यह स्थल आकर्षक गंतव्य साबित हो रहा है।मंत्री ने बताया कि सर्दियों में यहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की भारी संख्या में आमद होती है। बोर्ड द्वारा एआर-वीआर डोम के साथ-साथ रिसेप्शन, टिकट एवं वेटिंग एरिया, फूड और ओडीओपी कियोस्क, लैंडस्केपिंग, साइट डेवलपमेंट, पौधरोपण, बाहरी प्रकाश व्यवस्था और साइनेज जैसी अन्य सुविधाओं का विकास भी कराया जा रहा है।एआर-वीआर डोम अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें जंगल के किसी भी समय का दृश्य अनुभव कराया जा सकता है। इसमें अलसुबह, देर शाम या रात के दृश्य भी देखा जा सकेगा। डोम में बैठकर पर्यटक चारों ओर का दृश्य देख सकते हैं और कई स्थानों पर ऊपर और नीचे का दृश्य भी अनुभव कर सकते हैं।पक्षी अभ्यारण्य में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड सक्रिय है। इसी क्रम में लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए क्यूरेटेड टूर आयोजित कराए जा रहे हैं, जिसके लिए ‘इज़ माय ट्रिपÓ के साथ समझौता किया गया है।जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध राज्य है और इसका लक्ष्य है कि यहां आने वाले पर्यटक अद्वितीय और यादगार अनुभव लेकर लौटें। इसी उद्देश्य से सुविधाओं के विकास और पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
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