लखनऊ 26 नवंबर (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने आज लखनऊ स्थित सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण वक्फ संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद उम्मीद पोर्टल की प्रगति और उसके क्रियान्वयन की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मासूम अली सरवर भी मौजूद रहे।मंत्री ने कार्यालय के सभी कक्षों का गहन निरीक्षण किया और रिकॉर्ड रूम में रखी फाइलों को शीघ्र डिजिटल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ी सभी फाइलों और दस्तावेज का सही ढंग से रख-रखाव किया जाना चाहिए।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रदेशभर से आए विभिन्न वक्फ मुतवल्लियों से मुलाकात की और उनसे वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण, प्रबंधन, पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने मुतवल्लियों को बताया कि उम्मीद पोर्टल वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, बेहतर निगरानी और सुचारु प्रशासन के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी प्रभावी रोक लगेगी तथा संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समाज, खासतौर पर पिछड़े पसमांदा मुस्लिम समाज और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किया जा सकेगा।निरीक्षण के बाद मंत्री ने वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की संख्या करीब सवा लाख के आसपास है, इसलिए प्रदेश में पोर्टल पर तेजी से पंजीकरण किया जाना आवश्यक है।श्री अंसारी ने तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और मुतवल्लियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक अभिलेख अपलोड करने तथा पोर्टल की सभी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कार्यालयों की कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।राज्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उम्मीद पोर्टल के माध्यम से वक्फ प्रबंधन एक नए चरण में प्रवेश करेगा और मुस्लिम समाज को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
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