लखनऊ 26 नवंबर (आरएनएस )। विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आज उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राज्य संग्रहालय में पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को विश्व धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत आने वाली पीढिय़ों को मार्गदर्शन देती रहेगी। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित बहुमूल्य कृतियों का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई कृतियों की सराहना की।इस अवसर पर संविधान दिवस के पावन अवसर पर मंत्री ने संग्रहालय में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से शपथ भी दिलाई। तत्पश्चात् निदेशक, उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय डॉ. सृष्टि धवन ने विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान कराए गए कार्यक्रमों की जानकारी दी।कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कैनवस पेंटिंग प्रतियोगिता में रिया जायसवाल को प्रथम, सर्वजीत कुमार प्रजापति को द्वितीय और निधि जायसवाल को तृतीय पुरस्कार मिला। प्रोत्साहन पुरस्कार श्रेया यादव, प्रवीण खरे, फैज़ा ज़ावेद, दीप्ति अग्रवाल, अरविंद कुमार, श्वेता मेहता और अनुराग विश्वकर्मा को दिया गया।जूनियर ग्रुप चित्रकला प्रतियोगिता में खुशी कुमारी को प्रथम, शिवांगी कन्नौजिया को द्वितीय और उर्वी बरनवाल को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रोत्साहन पुरस्कार वीरा त्रिवेदी, संहिता जैन, शिखा जैन, अन्नू त्रिपाठी, खुशी सिंह, वंशिका मौर्या, तहजीम, मोनिका राजभर और रागिनी सिंह रावत को प्रदान किए गए।लोक कला संग्रहालय द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अमन कुमार, द्वितीय पुरस्कार खगेश चन्द्र और तृतीय पुरस्कार द्रविंद्र जैन को दिया गया। प्रोत्साहन पुरस्कार साहिल, विशेष कश्यप, देवांश वर्मा, अर्सलान, शालिनी पाल और रोशनी बानो को प्रदान किए गए।डॉ. सृष्टि धवन ने मंत्री जयवीर सिंह को नृत्यरत गणेश की कृति स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विनय कुमार सिंह, निदेशक, राज्य संग्रहालय, लखनऊ ने किया। उन्होंने संग्रहालय की धरोहरों को मानवता की साझा विरासत मानते हुए उनके संरक्षण और आने वाली पीढ़ी तक सही रूप में हस्तांतरण की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. मीनाक्षी खेमका, सहायक निदेशक ने किया। इस अवसर पर राज्य संग्रहालय और संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, विद्यार्थीगण सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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