नईदिल्ली,27 नवंबर। राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी भारत के अहमदाबाद को मिली है। दरअसल ग्लासगो में हुई आम सभा में इस बात की औपचारिक तौर पर घोषणा हुई। बता दें कि मेजबानी की दौड़ में अहमदाबाद ने नाइजीरिया के अबुजा शहर को पीछे छोड़ा है। इसके साथ ही यह सिर्फ दूसरा ही ऐसा मौका होगा, जब भारत में इन प्रतिष्ठित खेलों का आयोजन किया जाएगा। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रेसिडेंट डोनाल्ड रुकारे ने इस पर कहा, यह राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। हम राष्ट्रमंडल देशों की 74 टीमों का स्वागत करने के लिए ग्लासगो 2026 जाएंगे, और फिर इसके बादअगले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अहमदाबाद 2030 पर अपनी नजरें टिकाएंगे। इसके बाद रुकारे ने उम्मीद जताई कि भारत राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सफल मेजबान साबित होगा।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस पर कहा, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने जो भरोसा दिखाया है, उससे हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 के खेल न सिर्फ कॉमनवेल्थ मूवमेंट के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे। यह कॉमनवेल्थ के सभी देशों के एथलीट, कम्युनिटी और कल्चर को दोस्ती और तरक्की की भावना से एक साथ लाएगा।
भारत ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी 2010 में की थी। देश की राजधानी नई दिल्ली में इन वैश्विक खेलों का आयोजन हुआ था। अपने घर पर खेलते हुए भारत ने उन खेलों में कुल 101 पदक जीते थे, जिनमें 38 स्वर्ण पदक शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा था। एशिया में भारत के अलावा सिर्फ मलेशिया ऐसा देश है, जिसने राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की है।
राष्ट्रमंडल खेलों में 70 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसमें बड़ी संख्या में एथलीट, कोच, तकनीकी अधिकारी, पर्यटक और मीडिया अधिकारी आदि शामिल होंगे, जो खेलों के दौरान भारत आएंगे। इससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलने के साथ राजस्व भी प्राप्त होगा। अहमदाबाद में इससे पहले वनडे विश्व कप का फाइनल खेला जा चुका है। ऐसे में क्रिकेट के अलावा ओलंपिक खेलों के जरिए भी अहमदाबाद विश्व पटल में अपना नाम दर्ज कराएगा।
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