बटुक ब्रह्मचारियों के द्वारा किए गए वैदिक मंगलाचरण से प्रदर्शनी एवं विचार गोष्ठी का हुआ शुभारंभ
प्रयागराज 1 दिसंबर (आरएनएस)। राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय संस्कृति विभाग प्रयागराज में गीता जयंती 2025 के अवसर पर श्री कृष्ण एवं गीता पर आधारित दुर्लभ पांडुलिपियों की चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एच. एन. दुबे ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि श्रीमद् भगवद गीता का पूरे विश्व में आदर है क्योंकि यह एक धर्मनिरपेक्ष ग्रंथ हैद्य उन्होंने यह भी बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर प्रत्येक मानव के लिए गीता का उपदेश किया है द्य
इस अवसर पर चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर डॉक्टर सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, जगत तारन महिला महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर रमा द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
जगत तारन एवं सीएमपी महाविद्यालय से आए छात्र-छात्राओं ने भगवान श्री कृष्ण एवं गीता पर आधारित दुर्लभ पांडुलिपियों की चित्र प्रदर्शनी व मूल पाण्डुलिपियों का भी अवलोकन किया।
महंत विचारानंद संस्कृत महाविद्यालय ,बाघम्बरी मठ, प्रयागराज के छात्र-छात्राओं ने उपस्थित होकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों के प्रति आभार प्रकट एवं स्वागत पांडुलिपि अधिकारी गुलाम सरवर कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन प्राविधिक सहायक संस्कृत हरिश्चंद्र दुबे ने किया। कार्यक्रम में डॉ शाकिरा तलत, अजय मौर्या रुचि मिश्रा, मोहम्मद सफीक,आनंद एवं अभिषेकआदि उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

