कोलकाता/नई दिल्ली 5 दिसंबर (आरएनएस) देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र ने कभी पश्चिम बंगाल को नजर अंदाज नहीं किया। तृणमूल खुद राज्य के विकास को बाधित कर रही है। सीतारमण ने कहा कि राज्य से कई कंपनियां चली गईं। राज्य की जीडीपी ग्रोथ रेट पहले 10 फीसदी थी, जो अब घटकर 3 फीसदी रह गई है। संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन यानी गुरुवार को राज्यसभा में सेंट्रल एक्साइज एमेण्डसेंट बिल 2025 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री टीएमसी के सदस्यों के आरोपों का जवाब दिया। वहीं बहस के दौरान टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि राज्य को 1.75 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी मुआवजा और अन्य फंड्स का भुगतान नहीं किया गया है। इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2011 से 30 सितंबर 2025 तक पश्चिम बंगाल से 448 लिस्टेड कंपनियां और 6,447 अनलिस्टेड कंपनियां चली गईं। राज्य की जीडीपी ग्रोथ रेट पहले 10त्न थी, जो अब घटकर 3त्न रह गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से बंगाल 2019 में खुद हट गया, जो लोगों के हित में नहीं है. इसके अलावा, केंद्र की योजनाओं में अनियमितताएं पाई गईं। सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने राज्य को विकास परियोजनाओं में बढ़ावा दिया है, लेकिन टीएमसी की भ्रष्टाचार के कारण राज्य का विकास रुक रहा है। उद्योग राज्य छोड़ रहे हैं और टीएमसी ग्रामीण लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है।
मनरेगा बकाया के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से नियमों का पालन न करने के कारण धनराशि रोक दी गई है। जुलाई 2025 में राज्य ने स्वीकार किया कि 4 जिलों से 4.81 करोड़ रुपये वसूले गए हैं और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। टीएमसी सांसदों ने वित्त मंत्री सीतारमण के जवाब से असंतुष्ट होकर टीएमसी सांसदों ने वॉकआउट किया।


















