विकासनगर,07 दिसंबर (आरएनएस)। जौनसार के हर रूट पर ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें मानक से कई गुना अधिक सवारियां बिठाई जा रही हैं। ग्रामीण गाडिय़ों की छतों पर जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। विकासनगर से ही लोग छोटे वाहनों में मानक से अधिक बैठकर कर जा रहे हैं। एआरटीओ की चेकिंग भी यहां पर बेअसर है। ओवरलोडिंग के कारण जनजाति क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं। इनमें कई लोग जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद इन हादसों से सबक लेने को न यात्री तैयार हैं और न प्रशासन। स्थानीय लोगों द्वारा हर रूट पर निजी व रोडवेज बसों के संचालन की मांग पर भी शासन ध्यान नहीं दे रहा है। जौनसार बावर के रूटों पर आवागमन के लिए पर्याप्त साधन न होना बसों और जीपों में ओवरलोडिंग का प्रमुख कारण है। शनिवार को सुबह से विकासनगर से जौनसार के रूट पर जाने वाले छोटे यात्री वाहनो में जमकर ओवर लोडिंग होती रही। ककालसी- बैराटखाई, कालसी-चकराता, साहिया-क्वानू, साहिया-समाल्टा, चकराता-लाखामंडल, कालसी-नागथात, चकराता-मसूरी मोटर मार्ग पर ओवरलोडिग की समस्या ज्यादा है। हादसों के बाद परिवहन विभाग और तहसील प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई करते हैं। ओवरलोड वाहनों के चालान काटे जाते हैं। कुछ दिनों में प्रशासन की सक्रियता कम होने के बाद वाहन चालक पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं। बीते पांच वर्षों के सड़क हादसों के आंकड़ों पर गौर करें तो ओवरलोडिंग से हुए हादसों में 70 से अधिक लोग असमय मौत हो चुकी है। इसके बावजूद ओवरलोडिंग रोकने के लिए प्रशासन व एआरटीओ गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों मोहन लाल, सतपाल राय, अमर सिंह चौहान, नारायण सिंह और वीरेंद्र सिंह का कहना है कि पर्याप्त बसों का संचालन नहीं होने से लोगों का वाहनों की छतों पर बैठकर सफर करना मजबूरी है। लोग प्रशासन से हर रूट पर बसों के संचालन करने की मांग करते हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उधर, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग को चालान करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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