विकासनगर,07 दिसंबर (आरएनएस)। देहरादून जिले के जौनसार बावर क्षेत्र के आराध्य छत्रधारी चालदा महासू महाराज के खत पशगांव दसऊ मंदिर में ढाई साल का प्रवास पूर्ण होने के पश्चात चालदा महाराज अपने अगले पड़ाव की यात्रा आज से शुरू होगी। यात्रा की तैयारियों में रविवार को ग्रामीण जुटे रहे। महाराज के मंदिर को चार कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। बीते एक महीने से खत पशगांव के 15 गांवों के ग्रामीण प्रवास यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए थे। छत्रधारी चालदा महासू महाराज आज दसऊ मंदिर से प्रस्थान करेंगे और 14 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के शिलाई क्षेत्र के पश्मी गांव स्थित चालदा महासू महाराज मंदिर में विराजमान होंगे। इससे पूर्व बीते छह दिसंबर को महासू देवता मंदिर हनोल से बोठा महासू महाराज का देव डोरिया दसऊ गांव पहुंचा। चालदा महासू महाराज के देव पुजारी भादूराम नौटियाल ने बताया कि हनोल से आए बोठा महासू देवता के देव डोरिया को विधिपूर्वक मंदिर में विराजमान किया गया। और खत पशगांव के 15 गांवों के ग्रामीणों द्वारा देवता की आरती की गई। बताया कि रविवार को मंदिर में दर्शन करने पहुचें श्रद्धालु बड़े ही भाग्यशाली हैं जिनको बोठा महासू और चालदा महासू महाराज के दर्शन एक साथ करने को मिले है। रविवार दोपहर 2.30 बजे से तीन बजे के बीच शुभ मुहूर्त पर देवता का छत्र, देव डोरिये, देव पालकी सहित सभी देव चिह्नों को देव पुजारी, वजीर देव माली द्वारा विधिपूर्वक मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकाला जाएगा। सांय चार बजे चालदा महासू महाराज की पूजा होगी और दसऊ गांव में ही रात्रि प्रवास (बागड़ी) होगा, जिसमें खत पशगांव के 15 गांव के ग्रामीण मौजूद रहेंगे। महाराज की पालकी पर खत पशगांव के 15 गांवों के ग्रामीणों द्वारा चोल्टी चढ़ाई जाएगी।
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