लखनऊ 9 दिसंबर (आरएनएस )। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि रामपुर की 80 वर्षीय बीमार बुज़ुर्ग महिला नूरजहां पर दर्ज झूठी प्राथमिकी वापस लेना सरकार की मजबूरी बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नूरजहां के खिलाफ गलत मामला केवल इसलिए दर्ज किया था क्योंकि उन्होंने अपने बेटों की ओर से मतदाता सूची संशोधन संबंधी प्रपत्र भर दिया था, जिसकी अनुमति चुनाव आयोग के नियम स्पष्ट रूप से देते हैं।वंशराज दुबे के अनुसार, आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह द्वारा इस अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करने के बाद सरकार और प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और नूरजहां पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेनी पड़ी। उन्होंने इसे जनता और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।वंशराज दुबे ने कहा कि जब सत्ता जनता के अधिकारों को कुचलने का प्रयास करती है और असहमत आवाज़ों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं, तो यह व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला होता है। लेकिन नूरजहां के मामले में जनता और विपक्ष की सामूहिक आवाज़ ने साबित कर दिया कि सच और न्याय के सामने सत्ता को झुकना पड़ता है।मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि रामपुर की यह घटना कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट कटाए जा रहे हैं और जो इसका विरोध करते हैं, उन्हें मनगढ़ंत आरोप लगाकर मामलों में फँसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब चुनावी लाभ लेने और विपक्ष समर्थक मतदाताओं को मतदान से दूर रखने की कोशिश है।वंशराज दुबे ने चेतावनी दी कि आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को उठाएगी, जनता को सचेत करेगी और सरकार की इस मनमानी का खुलकर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि नूरजहां की जीत अब उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों की बड़ी लड़ाई का प्रतीक बन चुकी है।
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