ग्राम पंचायत सैदापुर में सुरक्षा, अधिकारों और साइबर सतर्कता पर विस्तृत संवाद
लखनऊ 9 दिसंबर (आरएनएस ) पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना माल पुलिस ने ग्राम पंचायत सैदापुर में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में महिलाओं, बालिकाओं और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा उपायों, कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और साइबर अपराधों से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में कमिश्नरेट के 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां महिला संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त हैं।थाना माल पुलिस टीम की अगुवाई महिला उपनिरीक्षक खुशबू यादव ने की। उपनिरीक्षक हरिओम सिंह, उपनिरीक्षक अमर सिंह, आरक्षी मोहम्मद जाहिद और अन्य पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबर—112, 1090, 181, 1076, 1098, 102, 108 व साइबर हेल्पलाइन 1930—की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही पिंक बूथ, महिला हेल्प डेस्क, महिला सुरक्षा केंद्र, पिंक स्कूटी, यूपी-कॉप एप और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जागरूक किया गया।थाना माल पुलिस ने प्रतिभागियों को कानूनी अधिकारों के विभिन्न प्रावधानों—दहेज निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा (क्कह्रस्॥), बाल विवाह निषेध कानून—के बारे में भी अवगत कराया। सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी भी विस्तृत रूप से साझा की गई।साइबर अपराधों में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सभी उपस्थित महिलाओं और युवतियों को साइबर सतर्कता अपनाने एवं किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना ही नहीं, बल्कि समाज में एक सुरक्षित और संवेदनशील माहौल तैयार करना भी रहा। मिशन शक्ति के इस चरण के माध्यम से थाना माल पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समुदाय के साथ पुलिस-जन संवाद को और मजबूत किया।इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने सराहा और इसे सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम बताया।
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