देहरादून,09 दिसंबर (आरएनएस)। नई श्रम संहिताओं से हर वर्ग के कामगारों के जीवन में सुधार आएगा। श्रमिकों को योजनाओं को सीधा लाभ मिलेगा। अपर मुख्य श्रम आयुक्त(केंद्रीय) शुभ्रा गोयल ने कहा कि नई श्रम संहिताएं औ?द्योगिक श्रमिकों और फैक्ट्री कर्मियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधी मानकों को अधिक मजबूत बनाती हैं। इसमें नियुक्ति पत्र, कार्य घंटों और ओवरटाइम से संबंधित प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। बड़े उ?द्योगों में छंटनी और बंदी से जुड़ी प्रक्रियाएं पारदर्शी की गई हैं। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूर और निर्माण श्रमिक वर्ग देश के असंगठित कामगारों का बड़ा हिस्सा है। नई संहिताओं में न्यूनतम वेतन के अनिवार्य पालन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सरलता से जुडऩे और ई-श्रम व निर्माण श्रमिक बोर्ड में आसान पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। इसमें डिलीवरी कर्मियों, कैब ड्राइवरों और अन्य ऐप-आधारित सेवा प्रदाताओं को पहली बार औपचारिक पहचान दी गई है। जिससे भविष्य में बीमा, पेंशन और सुरक्षा सुविधाए उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि मनोरंजन और मीडिया उ?द्योग में कार्यरत सिने वर्कर्स, ऑडियो-विजुअल मीडिया कर्मियों के लिए नई श्रम संहिताएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खतरनाक या जोखिमपूर्ण कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लिए नए श्रम प्रावधानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है। यही नहीं महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में सुरक्षित कार्य की सुविधा और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था जैसे सीसीटीवी अनिवार्य होगा।
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