जौनपुर 10 दिसंबर (आरएनएस )। मछलीशहर तहसील गेट के सामने मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन लगने वाला भीषण जाम अब केवल लोक-समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत प्रमाण बन चुका है। हालात इतने विकट हो गए हैं कि दो से तीन घंटे तक रास्ता अवरुद्ध रहना यहाँ की सामान्य दिनचर्या का हिस्सा हो गया है। एंबुलेंस, स्कूली बच्चे, परीक्षार्थी और आम नागरिक सभी इस अव्यवस्था का प्रतिदिन शिकार बन रहे हैं। ऐसी जाम की समस्या को लेकर नगर पंचायत मछली शहर भी कम दोषी नहीं है। समय-समय पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी जो कभी नहीं होती।सड़कों पर अतिक्रमण का ‘खुला उल्लंघनÓ, पुलिस मूक दर्शक। सड़क के दोनों ओर ठेला-खोमचा संचालकों और दुकानदारों ने मनमाने ढंग से अतिक्रमण कर लिया है और दुकानदार वाहन हटाने को कहते हैं तो मारपीट की नौबत आ जाती है। वहीं टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों द्वारा दोनों ओर वाहन खड़े कर दिए जाने से सड़क का वास्तविक उपयोग लगभग समाप्त हो जाता है। पुलिस की लगातार अनुपस्थिति तथा प्रशासन की उदासीनता के कारण स्थिति दिन-ब-दिन भयावह होती जा रही है।कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यह परिस्थिति किसी भी संवेदनशील न्यायिक टिप्पणी के कसौटी पर खरा उतरे तो इसे पुलिस की कर्तव्यहीनता का प्रत्यक्ष उदाहरण माना जाएगा।
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