नईदिल्ली ,12 दिसंबर (आरएनएस)। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा गुरुवार को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद पर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाया था, जिसके बाद सांसद सौगत रॉय संसद परिसर में ई-सिगरेट पीते देखे गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गिरिराज सिंह ने उनको टोका, तो दोनों की सांसद रॉय से बहस हो गई। सांसद रॉय ने कहा कि इमारत के अंदर धूम्रपान नहीं कर सकते, लेकिन बाहर कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री शेखावत और गिरिराज ने जब सांसद रॉय को संसद परिसर में धूम्रपान करते देखा तो कहा कि यह प्रतिबंधित और हानिकारक है, रॉय अपने साथ दूसरों का स्वास्थ्य भी खतरे में डाल रहे हैं। इसके बाद गिरिराज ने कहा, अनुराग ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया। ई-सिगरेट पर 2019 में प्रतिबंध लगा दिया गया था, और अगर कोई सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पीता है, तो इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
टीएमसी सांसद रॉय से जब सदन में ई-सिगरेट पीने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बताई। उन्होंने कहा, इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं सदन में मौजूद नहीं था और मुझे नहीं पता कि किसने धूम्रपान किया और शिकायत की। यह अध्यक्ष का काम है कि वे जांच करें और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करें। इसे राजनीतिक मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ठाकुर ने कहा था कि पूरे देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन क्या सदन में इसकी अनुमति है? उन्होंने कहा कि टीएमसी के सांसद कई दिन से लगातार बैठकर पी रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने जवाब दिया कि कोई अनुमति नहीं है, लेकिन संसदीय परंपराओं और नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास लिखित में शिकायत आएगी तो वह कार्रवाई करेंगे।
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