आईबीए दुबई कांग्रेस में भारत में बॉक्सिंग के जमीनी स्तर के विकास की पहल पेश: राकेश ठाकरान
# इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा IBA पदाधिकारियों को सम्मानित किया
# राकेश मिश्र का ऐतिहासिक संबोधन कांग्रेस में गूँजा
नई दिल्ली/दुबई/ यूएई , 13 दिसंबर (आरएनएस)। भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जब इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ ) ने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबीए ) की ऑर्डिनरी कांग्रेस 2025 में भारत भर में बॉक्सिंग को सशक्त बनाने हेतु अपनी जमीनी स्तर की पहलों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया। यह कांग्रेस सफीना बॉलरूम, जुमेराह बीच होटल, दुबई में आयोजित हुई। यह अवसर आईबीए नेतृत्व एवं उपस्थित 192 सदस्य देशों द्वारा आईएबीएफ को प्रदान किया गया, जो वैश्विक बॉक्सिंग मंच पर भारतीय बॉक्सिंग के सशक्त एकीकरण की दिशा में एक निर्णायक क्षण है।  इस अवसर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. राकेश मिश्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईएबीएफ ने कहा कि आईबीए ऑर्डिनरी कांग्रेस में अपने विचार रखने का अवसर उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने कहा कि “इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा दिया गया यह मंच पारदर्शिता, खिलाड़ी कल्याण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। यह भारतीय बॉक्सिंग और उन सभी खिलाड़ियों के लिए गर्व व भावनात्मक क्षण है, जो विश्व मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं। डॉ.राकेश मिश्र ने यह भी उल्लेख किया कि यह विकास ऐसे समय में हुआ है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सहयोग को नई गति मिल रही है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं रूसी राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए हालिया खेल सहयोग समझौते का संदर्भ देते हुए कहा कि इससे खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका और सशक्त होती है। “इस प्रकार की उच्चस्तरीय पहलें खेल को राष्ट्रों के बीच सेतु के रूप में स्थापित करती हैं और IABF जैसी संस्थाओं को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं,” उन्होंने जोड़ा।  इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा IBA पदाधिकारियों को सम्मानित किया इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्र के नेतृत्व में आईएबीएफ प्रतिनिधिमंडल जिसमें श्री राकेश ठाकरण, डॉ. विपिन कुमार एवं प्रतीक कलारिया शामिल थे उन्होंने आईबीए नेतृत्व को मोती माला एवं अंगवस्त्र भेंट कर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और कृतज्ञता का प्रतीकात्मक सम्मान प्रदान किया। डॉ. राकेश मिश्र का ऐतिहासिक संबोधन कांग्रेस में गूँजा :भारत मानव सभ्यता की प्राचीनतम भूमि है, जहाँ खेल को सदैव अनुशासन, सम्मान और मानवता के मूल्यों से जोड़ा गया है। भारत की प्राचीन बस्तियों और सांस्कृतिक परंपराओं की भांति ही, खेल भी समाज को जोड़ने, दिशा देने और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ ), आईबीए के सिद्धांतों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्व स्तर पर बॉक्सिंग के विकास हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।बॉक्सिंग केवल प्रतिस्पर्धा का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन, सम्मान और समान अवसर का वैश्विक संदेश देता है। आईबीए के दूरदर्शी नेतृत्व में यह खेल आज सीमाओं से परे जाकर विश्व एकता और खेल भावना का सशक्त प्रतीक बन चुका है। इस अवसर पर मैं भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके नेतृत्व में खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता प्राप्त हुई है और भारत आज वैश्विक खेल मंच पर एक सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित उपस्थिति के रूप में उभरा है।

