नई दिल्ली 14 Dec, (Rns): दिल्ली-एनसीआर में रविवार सुबह भी लोगों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 6 बजे राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 490 के पार दर्ज किया गया, जिससे पूरी दिल्ली ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता की चपेट में आ गई है। हालात को और गंभीर बनाते हुए राजधानी के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। नोएडा में भी हालात लगभग ऐसे ही बने हुए हैं।
आनंद विहार में AQI 491, अशोक विहार 493, बावाना 498, रोहिणी 499, विवेक विहार 495 और वजीरपुर 493 दर्ज किया गया। इसके अलावा ITO में AQI 485, IGI एयरपोर्ट पर 416 और लोधी रोड पर 400 रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह इस साल चौथी बार है जब दिल्ली में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंचा है।
प्रदूषण में अचानक आई इस तेज बढ़ोतरी के पीछे मौसम को प्रमुख कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की रफ्तार बेहद कम हो गई, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रहे। इसी वजह से शनिवार से हालात तेजी से बिगड़ गए और राजधानी एक बार फिर जहरीली धुंध की चपेट में आ गई।
रविवार को दिल्ली में इस साल का अब तक का सबसे घना कोहरा देखने को मिला, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालात ऐसे रहे कि अक्षरधाम मंदिर तक नजरों से ओझल हो गया और कई इलाकों में कुछ मीटर से ज्यादा दूर देख पाना मुश्किल हो गया। अक्षरधाम के आसपास तो 50 मीटर आगे की विजिबिलिटी भी नहीं रही।
घने कोहरे के चलते प्रदूषण के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पूरे दिल्ली-एनसीआर में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, हालांकि नोएडा और गाजियाबाद की तुलना में दिल्ली में कोहरा ज्यादा घना नजर आया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू कर दिया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर, टाइल और फ्लोरिंग से जुड़े सभी कार्य बंद कर दिए गए हैं।
इसके साथ ही रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठों और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। कच्ची सड़कों पर सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर रोक लगाकर धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

