संगरूर 15 Dec, (Rns)- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने पैतृक गांव में मतदान कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित जिला परिषद और ब्लॉक समितियां राज्य के विकास को और गति देंगी।
मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ये चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं, क्योंकि इससे लोगों को जमीनी स्तर पर काम करने का अवसर मिलता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये चुनाव जनता की सेवा करना चाहने वाले युवाओं के लिए एक मंच का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और कहा कि राज्य के विकास व प्रगति में सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिकार हमारे पूर्वजों ने लंबे संघर्ष के बाद हासिल किया है, इसलिए इसका उपयोग सोच-समझकर और जनहित में किया जाना चाहिए। उन्होंने सही और योग्य उम्मीदवारों को चुनने की अपील की, जो जनता की आवाज बन सकें।
सरकारी तंत्र के दुरुपयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए सराहना के योग्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर अकाली दल बादल, ने हमेशा गैंगस्टरों को संरक्षण दिया है और इस चुनाव में भी उनका इस्तेमाल करने की कोशिश की है। ऐसे में प्रशासन मूकदर्शक नहीं बन सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के 2400 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे साफ है कि सरकारी तंत्र का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ। चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव करा रहा है। उन्होंने कहा कि हार के डर से विपक्ष इस तरह के आरोप लगा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर टिप्पणी करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें गैंगस्टरों से धमकियां मिलने की बातें कही जा रही हैं, जबकि ऐसी धमकियां अकाली दल से जुड़े लोगों द्वारा ही दी जा रही हैं, जिन्होंने गैंगस्टरों और उनके रिश्तेदारों को टिकट दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सांसद चन्नी के बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे अपनी पार्टी की हार से घबराकर गैर-जिम्मेदार बयान दे रहे हैं। गुरबाणी की पंक्ति “पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरत महत” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पर्यावरण और आध्यात्मिक गौरव को बहाल करने के लिए अब गुरबाणी के इन सिद्धांतों को अपनाने का समय आ गया है।

