सिडनी ,16 दिसंबर । ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बॉन्डी बीच पर रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहूदी समुदाय के हानुका उत्सव ‘चानुका बाय द सीÓ के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी कर दी गई। इस सामूहिक हमले में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। कार्यक्रम में करीब एक हजार लोग मौजूद थे। पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार देते हुए कहा है कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित विचारधारा होने के संकेत मिले हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को कहा कि शुरुआती जांच से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि हमला आईएस की कट्टर सोच से प्रभावित था। उन्होंने इसे नफरत फैलाने वाली विचारधारा बताया, जो बीते एक दशक से लोगों को हिंसा की ओर धकेल रही है। पुलिस के अनुसार, हमलावरों की कार से घरेलू स्तर पर तैयार किए गए दो इस्लामिक स्टेट के झंडे और एक आईईडी भी बरामद हुई है।
इस हमले को अंजाम देने वाले पिता-पुत्र बताए गए हैं। 50 वर्षीय साजिद अकरम को पुलिस ने मौके पर ही मार गिराया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और पुलिस हिरासत में है। जांच में सामने आया है कि साजिद के पास छह हथियारों का वैध लाइसेंस था, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया।
पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले महीने फिलीपींस गए थे। इस यात्रा के मकसद को लेकर जांच जारी है और कुछ रिपोर्टों में सैन्य प्रशिक्षण की आशंका जताई जा रही है। नवीद अकरम 2019 में भी ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी एएसआईओ की जांच के दायरे में आ चुका था, जब उसके कथित तौर पर आईएस से जुड़े एक नेटवर्क से संपर्क की बात सामने आई थी, हालांकि उस समय उसे तत्काल खतरा नहीं माना गया था।
यह हमला शाम करीब 6:47 बजे शुरू हुआ, जब हमलावरों ने एक फुटब्रिज से लंबी दूरी की राइफलों के जरिए भीड़ पर गोलियां चलाईं। कुल 103 राउंड फायरिंग की गई। मृतकों में एक 10 वर्षीय बच्ची भी शामिल है, जबकि घायलों में बच्चे और पुलिसकर्मी भी हैं। इस दौरान एक निहत्थे राहगीर अहमद अल अहमद ने साहस दिखाते हुए एक हमलावर को निरस्त्र कर दिया, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए इसे इंसानियत की मिसाल बताया। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने इस घटना को यहूदी समुदाय पर बर्बर और कायराना हमला बताया।
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