कार्रवाई के बाद भी संचालन बदस्तूर जारी, आखिर जिम्मेदार मौन क्यों?
बाराबंकी 18 दिसंबर (आरएनएस)। कोतवाली रामसनेहीघाट के लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित एक होटल/नारायण रेस्टोरेंट को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से गंभीर और चौंकाने वाली चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यहां दिन-रात संदिग्ध गतिविधियां चलती रही हैं, जिन पर पहले भी पुलिस की नजर पड़ी थी। सूत्र बताते हैं कि पूर्व में कोतवाली रामसनेहीघाट के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी, जिसमें दर्जनों युवक-युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए थे। बताया जाता है कि उस दौरान सभी को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, लेकिन होटल का रजिस्टर आज भी कोतवाली में जमा बताया जा रहा है ,इसके बावजूद, सूत्रों का कहना है कि होटल का संचालन दोबारा उसी ढर्रे पर शुरू कर दिया गया और गतिविधियां फिर से चलने लगीं। चर्चा यहां तक है कि जो भी इन गतिविधियों पर सवाल उठाता है या खबर करने की कोशिश करता है, उसे धमकाने की बातें भी सामने आई हैं। इसी बीच रामसनेहीघाट के उप जिलाधिकारी अनुराग सिंह के निर्देश पर प्रशासन ने शुक्रवार को नारायण होटल/रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में भारी गंदगी और खराब खाद्य सामग्री मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर ही खाद्य पदार्थ नष्ट कराए और रेस्टोरेंट को एक सप्ताह के लिए बंद करने का आदेश दिया।यह कार्रवाई नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी, खाद्य निरीक्षक अनुराधा मिश्रा द्वारा की गई, जबकि राजस्व उप निरीक्षक अंबुज मिश्रा भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह बाद भी कमियां पाई गईं, तो सख्त कार्रवाई तय है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि केवल खाद्य निरीक्षण ही नहीं, बल्कि होटल की संपूर्ण गतिविधियों पर भी स्थायी निगरानी जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने मांग उठाई है कि यदि होटल पूरी तरह बंद नहीं होता, तो कम से कम वहां एक उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबलों की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी, या सच में संदिग्ध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगेगा? जवाब आने वाले दिनों में प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई से मिलेगा।
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