गाजियाबाद ,21 दिसंबर (आरएनएस)। गाजियाबाद के मुरादनगर में शनिवार दोपहर बदले की आग में जल रहे एक नाबालिग ने फिल्मी अंदाज में सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। ओलंपिक तिराहे के पास दिनदहाड़े एक 17 वर्षीय किशोर ने जमानत पर बाहर चल रहे सजायाफ्ता कैदी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय इमरान के रूप में हुई है, जो कच्ची सराय कॉलोनी का रहने वाला था। हैरानी की बात यह है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्र ने भागने की बजाय खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया और पुलिस को बताया कि उसने अपने ताऊ की हत्या का बदला ले लिया है। यह बदला उस कत्ल का था जो आरोपी के पैदा होने से भी एक साल पहले हुआ था।
घटनाक्रम के मुताबिक, इमरान शनिवार दोपहर ओलंपिक तिराहे पर एक साइकिल रिपेयरिंग की दुकान पर बैठा था। वह पेशे से दूध सप्लाई का काम करता था और अपने परिवार के साथ रहता था। तभी बाइक पर सवार होकर आए 11वीं कक्षा के छात्र ने उसे निशाना बनाया। गोली लगते ही इमरान लहूलुहान होकर गिर पड़ा और बाजार में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने घायल इमरान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे गाजियाबाद रेफर कर दिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि 13 दिसंबर 2007 को इमरान ने आरोपी के ताऊ अखलाक की हत्या की थी, जिसके लिए उसे उम्रकैद की सजा हुई थी और वह फिलहाल जमानत पर बाहर था।
वारदात के बाद आरोपी नाबालिग सीधा मुरादनगर थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों से बोला, साहब, मैंने अपने ताऊ की हत्या का बदला ले लिया है, लाश बीच बाजार में पड़ी है। उसकी यह बात सुनकर पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि जिस वक्त उसके ताऊ का कत्ल हुआ, तब उसका जन्म भी नहीं हुआ था, लेकिन बचपन से वह घर में उस घटना का जिक्र सुनता आ रहा था, जिससे उसका खून खौल उठता था। उसने तीन साल पहले ही बदला लेने की ठान ली थी और लगातार इमरान की रेकी कर रहा था। शनिवार को मौका मिलते ही उसने 18 साल पुराने हिसाब को गोलियों से बराबर कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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