बिलासपुर 22 दिसंबर 2025(आरएनएस) राज्य के लाखों छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। पहली से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के रिजल्ट का फार्मूला पूरी तरह बदल दिया गया है। अब केवल वार्षिक परीक्षा ही नहीं, बल्कि तिमाही और छमाही परीक्षा के अंक भी सीधे फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। यह नई व्यवस्था चालू शिक्षा सत्र से ही लागू कर दी गई है। दरअसल नई व्यवस्था के तहत यदि छात्र तिमाही या छमही परीक्षा में कम अंक लाते हैं, तो उसका असर सीधे उनके वार्षिक परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा। यानी अब सालभर की पढ़ाई का मूल्यांकन किया जाएगा, न कि सिर्फ अंतिम परीक्षा का। हालांकि यह नियम बोर्ड परीक्षाओं कक्षा 10वीं और 12वीं पर लागू नहीं होगा। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य के करीब 45 लाख छात्र प्रभावित होंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि अब तक कई स्कूलों में तिमही और छमाही परीक्षाएं केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी। लेकिन अब चूंकि इन परीक्षाओं के अंक फाइनल रिजल्ट में जुड़ेंगे, इसलिए छात्रों और शिक्षकों दोनों में गंभीरता बढ़ेगी और पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा। नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा पहली से चौथी तक तिमाही और छमाही परीक्षा के 20 20 प्रतिशत अंक, और वार्षिक परीक्षा के 60 प्रतिशत अंक जोड़कर रिजल्ट बनाया जाएगा। वहीं कक्षा 5वीं से 8वीं तक छमाही के 30 प्रतिशत और वार्षिक के 70 प्रतिशत अंक मिलाकर परिणाम तैयार होगा। कक्षा प्रथी और 11वीं के लिए प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा गया है। शिक्षा विभाग का यह फैसला छात्रों को सालभर पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को ज्याद पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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