सारंगढ़-बिलाईगढ़ 14 जून 2026/ मेडिको-लीगल मामलों में देरी, कागजी प्रक्रिया और रिकॉर्ड प्रबंधन की समस्याओं को खत्म करने की दिशा में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने बड़ा कदम उठाया है। अब MedLEaPR ऐप के जरिए मेडिकल-लीगल केस (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह डिजिटल होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने में मदद मिलेगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के प्रावधानों के अनुरूप पुलिस अधीक्षक कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने MedLEaPR ऐप के प्रभावी संचालन और समन्वय पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में बताया गया कि MedLEaPR एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से मेडिकल-लीगल केस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार, सुरक्षित और ट्रैक की जा सकेगी। यह प्रणाली अस्पताल, पुलिस, फॉरेंसिक लैब और न्यायपालिका को एक सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क से जोड़ती है। इससे दस्तावेजों के खोने या छेड़छाड़ की संभावना समाप्त होगी और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक विश्वसनीय बनेगी।
सॉफ्टवेयर को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) से भी जोड़ा गया है, जिससे थानों और अस्पतालों के बीच कागजी पत्राचार की आवश्यकता कम होगी। डिजिटल हस्ताक्षरित रिपोर्ट न्यायालय में मान्य होगी, जिससे डॉक्टरों को बार-बार अदालत में उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पुलिस विवेचना व न्यायिक प्रक्रिया दोनों में समय की बचत होगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र वैष्णव, सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल, एसडीओपी सारंगढ़ स्नेहिल साहू, एसडीओपी बिलाईगढ़ श्री विजय कुमार ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री संतोषी ग्रेस, जिले के सभी थाना प्रभारी एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
जागरूकता संदेश: डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग न केवल जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है, बल्कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और न्याय व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

