पेरिस ,22 दिसंबर । फ्रांस में सुरक्षा और भरोसे को चकमा देने वाली एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एलीसी पैलेस में काम करने वाले एक वेटर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर महल से कीमती चांदी के बर्तन और दुर्लभ साजो-सामान चुरा लिए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अगले साल उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।
महल के मुख्य प्रबंधक ने चोरी की सूचना दी थी। शुरुआती आकलन में नुकसान 15,000 से 40,000 यूरो के बीच बताया गया है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 42 लाख रुपये तक बैठता है। जांच में चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब महल को नियमित आपूर्ति करने वाली प्रतिष्ठित स्ी1ह्म्द्गह्य रूड्डठ्ठह्वद्घड्डष्ह्लशह्म्4 ने पाया कि महल से गायब कई वस्तुएं ऑनलाइन नीलामी साइटों पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध हैं। इसके बाद स्टाफ से पूछताछ हुई और जांचकर्ताओं का शक एक सिल्वर स्टीवर्ड (वेटर) पर गहराने लगा।
इन्वेंट्री रिकॉर्ड से संकेत मिला कि आरोपी भविष्य की चोरी की योजना भी बना रहा था। पुलिस ने पाया कि वह व्यक्ति टेबलवेयर की ऑनलाइन बिक्री में विशेषज्ञता रखने वाली एक कंपनी के मैनेजर के संपर्क में था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के विंटेड (ङ्कद्बठ्ठह्लद्गस्र) अकाउंट पर ऐसी प्लेट मिली, जिस पर फ्रांसीसी वायु सेना और सेवर्स कारख़ाना अंकित था ये वस्तुएं आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं होतीं। इसके बाद आरोपी के निजी लॉकर, कार और घर की तलाशी ली गई, जहां से करीब 100 कीमती वस्तुएं बरामद हुईं।
क्या-क्या बरामद हुआ
बरामद सामान में तांबे के सॉसपैन, सेवर्स की चीनी मिट्टी के बर्तन, रेने लालिक की एक प्रतिमा और क्चड्डष्ष्ड्डह्म्ड्डह्ल की शैंपेन कूप शामिल हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ चोरी, संगठित अपराध और सरकारी संपत्ति की हेराफेरी के आरोप तय किए जा रहे हैं। यह मामला राष्ट्रपति भवन जैसी उच्च-सुरक्षा वाली जगहों में भी आंतरिक नियंत्रण और इन्वेंट्री निगरानी की जरूरत पर सवाल खड़े करता है।
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