इस्लामाबाद ,23 दिसंबर । आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों की परवाह न करते हुए एक बड़ा सैन्य सौदा किया है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (हृ) के हथियार प्रतिबंधों को दरकिनार कर उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया के विद्रोही गुट ‘लीबियन नेशनल आर्मीÓ (रुहृ्र) के साथ 4 अरब डॉलर से अधिक के सैन्य उपकरणों की डील फाइनल की है। इस सौदे की पुष्टि पाकिस्तान के चार अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर की है, क्योंकि यह मामला बेहद संवेदनशील है और सीधे तौर पर यूएन के प्रतिबंधों का उल्लंघन करता है।
बेंगाजी में पाकिस्तानी सेना प्रमुख और हफ्तार के बीच हुई डील
यह पाकिस्तान के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी हथियार बिक्री मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सौदे को पिछले सप्ताह लीबिया के पूर्वी शहर बेंगाजी में अंतिम रूप दिया गया। वहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और रुहृ्र के उप कमांडर-इन-चीफ सद्दाम खलीफा हफ्तार के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद ही दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग और हथियारों की खरीद-फरोख्त पर मुहर लगाई।
चीन के साथ मिलकर बनाए गए फाइटर जेट्स बेचेगा पाकिस्तान
इस डील से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान लीबियाई गुट को 16 जेएफ-17 (छ्वस्न-17) फाइटर जेट्स देगा। यह एक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसे पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसके अलावा, बेसिक पायलट ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले 12 सुपर मुशशक ट्रेनर विमान भी इस पैकेज का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह आपूर्ति अगले ढाई साल की अवधि में पूरी की जाएगी और इसमें वायुसेना के अलावा जमीनी और नौसैनिक उपकरण भी शामिल हो सकते हैं, जिससे सौदे की कुल कीमत 4.6 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
हृ जिसे मानता है बागी, उसे पाकिस्तान दे रहा हथियार
पाकिस्तान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसे मुश्किल में डाल सकता है। दरअसल, 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के तख्तापलट के बाद से लीबिया गृहयुद्ध की आग में जल रहा है और देश दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक तरफ त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त ‘गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटीÓ है, तो दूसरी तरफ पूर्वी और दक्षिणी हिस्से पर हफ्तार की रुहृ्र का कब्जा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर हथियार प्रतिबंध लगा रखा है। यूएन पैनल हफ्तार की सेना को एक विद्रोही गुट मानता है, जिसमें कई मिलिशिया और विदेशी भाड़े के सैनिक शामिल हैं। बावजूद इसके, पाकिस्तान ने यह जोखिम भरा कदम उठाया है।
हफ्तार ने कहा- यह रणनीतिक सहयोग की नई शुरुआत
सौदा पक्का होने के बाद रुहृ्र के आधिकारिक मीडिया ने रविवार को बताया कि गुट ने पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग समझौता किया है, जिसमें हथियार बिक्री, संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य निर्माण शामिल है। वहीं, हफ्तार ने एक टीवी चैनल पर प्रसारित बयान में कहा कि हम पाकिस्तान के साथ रणनीतिक सैन्य सहयोग के एक नए चरण की शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि, इस डील से लीबिया में चल रहा संघर्ष और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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