इस्लामाबाद ,27 दिसंबर । आर्थिक बदहाली और राजनीतिक अस्थिरता की मार झेल रहा पाकिस्तान अब अपने इतिहास के सबसे बुरे ‘ब्रेन ड्रेनÓ यानी प्रतिभा पलायन के संकट से जूझ रहा है। गहराते आर्थिक संकट और भविष्य की अनिश्चितता के चलते पिछले दो वर्षों में हजारों होनहार पेशेवर देश छोड़कर चले गए हैं। हाल ही में आई एक सरकारी रिपोर्ट ने इस संकट की जो भयावह तस्वीर पेश की है, उसने शहबाज शरीफ सरकार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान का शिक्षित वर्ग अब देश में रुकने को तैयार नहीं है।
पाकिस्तान के ब्यूरो ऑफ एमिग्रेशन एंड ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट के ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले 24 महीनों में करीब 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट पाकिस्तान छोड़कर विदेशों में बस गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में 7,27,381 पाकिस्तानियों ने विदेश में काम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 2025 में नवंबर महीने तक ही यह आंकड़ा 6,87,246 तक पहुंच चुका है। चिंता की बात यह है कि देश छोडऩे वालों में अब केवल मजदूर वर्ग नहीं, बल्कि देश की रीढ़ माने जाने वाले उच्च शिक्षित पेशेवर शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र का हाल सबसे बुरा है, जहां 2011 से 2024 के बीच नर्सों के पलायन में 2,144 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
इन गंभीर आंकड़ों के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का एक पुराना बयान अब उनके गले की फांस बन गया है। उन्होंने कुछ समय पहले इस पलायन को ‘ब्रेन ड्रेनÓ मानने से इनकार करते हुए इसे ‘ब्रेन गेनÓ बताया था। अब सोशल मीडिया पर लोग उनके इस बयान का मजाक उड़ा रहे हैं और तीखी आलोचना कर रहे हैं। पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि राजनीति सुधरेगी, तभी अर्थव्यवस्था संभलेगी। उन्होंने इंटरनेट शटडाउन से हुए 1.62 अरब डॉलर के नुकसान और खतरे में पड़ी लाखों नौकरियों का हवाला देते हुए सत्ताधीशों को घेरा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि हुक्मरानों की अज्ञानता देश को आपदा की ओर ले जा रही है, लेकिन उनके चेहरे पर अब भी झूठा गर्व है।
बढ़ते पलायन और अवैध गतिविधियों की आशंकाओं को देखते हुए शहबाज सरकार ने हवाई अड्डों पर निगरानी सख्त कर दी है। साल 2025 में करीब 66,154 यात्रियों को संदिग्ध कारणों से पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर ही रोक दिया गया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है। इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर दिख रही है, क्योंकि खाड़ी देशों से भीख मांगने और अवैध प्रवास के आरोपों में हजारों पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेताओं का कहना है कि जब देश में न नौकरी है और न ही रिसर्च फंडिंग, तो प्रतिभाएं खाली लैब्स में क्या करेंगी; उन्हें रोकने के लिए सम्मान और अवसर की जरूरत है।
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