ढाका,01 जनवरी। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। अब एक और हिंदू नागरिक पर हमले की खबर है। बताया जा रहा है कि इस शख्स पर पहले धारदार हथियारों से हमला किया गया। घायल होने के बाद शख्स पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई। शख्स की हालत गंभीर है। यह घटना 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले की बताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घायल शख्स का नाम खोकन दास बताया जा रहा है, जो शरियतपुर जिले के कानोइर यूनियन के तिलोई गांव में छोटी दवा की दुकान चलाते हैं। 31 दिसंबरर, 2025 को खोकन पर भीड़ ने हमला कर दिया। पहले उन्हें धारदार हथियारों से बुरी तरह घायल किया और बाद में उनके शरीर में आग लगा दी। जिस वक्त हमला हुआ, उस वक्त खोकन दुकान से घर जा रहे थे।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। 24 दिसंबर को कलिमोहर यूनियन के हुसैनडांगा इलाके में 29 साल के अमृत मंडल को कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इससे पहले 18 दिसंबर को 25 साल के दीपू चंद्र दास को मैमनसिंह की भालुका उपजिला में ईशनिंदा के आरोपों के बाद हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने दीपू के शव को एक पेड़ से लटका दिया और फिर आग लगा दी थी।
इस हमले से एक दिन पहले यानी 31 दिसंबर को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर राजधानी ढाका में थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां उन्होंने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक संदेश वाला पत्र सौंपा था। जयशंकर ने पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के स्पीकर से भी मुलाकात की थी।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है। पिछले हफ्ते भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसा पर गहरी चिंता जताई और कहा कि वह अपने पड़ोसी देश में हो रहे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहा है। बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। कट्टरपंथियों ने हादी की हत्या में भारत की भूमिका के आरोप लगाए हैं।
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