Islamabad 07 Jan, / पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारियों की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह बने हैं इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी, जिनकी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को लोग गंभीर सैन्य ब्रीफिंग से ज्यादा तमाशा बता रहे हैं। भारत को लेकर दिए गए उनके बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं और लोग उनकी जमकर खिल्ली उड़ा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत को चेतावनी देने के प्रयास में जनरल अहमद शरीफ ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, उसने सबको चौंका दिया। औपचारिक सैन्य शब्दावली के बजाय उन्होंने तंज और द्विअर्थी अंदाज में बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत चाहे जिस दिशा से आए—दाएं, बाएं, ऊपर या नीचे—अगर “मजा” नहीं कराया तो पैसे वापस। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय यानी 2026 कैसा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि पाकिस्तान किस तरह प्रतिक्रिया देता है। भारत को दुश्मन बताते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि सामने वाले की तकदीर उनके हाथ में है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयानबाजी सैन्य प्रेस ब्रीफिंग की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया गया। वहीं दूसरी ओर अक्टूबर में की गई कार्रवाइयों को सही ठहराते हुए उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने अपने ही नागरिकों पर कार्रवाई की और ऐसा करने का अधिकार केवल पाकिस्तानी राज्य को है, किसी अन्य देश को नहीं।
यह पहला मौका नहीं है जब जनरल अहमद शरीफ अपने व्यवहार को लेकर विवादों में आए हों। कुछ दिन पहले एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने महिला पत्रकार अब्सा कोमल को आंख मार दी थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उस घटना के बाद उनके पेशेवर आचरण पर गंभीर सवाल उठे थे। बताया गया कि इमरान खान से जुड़े सवाल पर नाराज होकर उन्होंने न सिर्फ आंख मारी, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री को मानसिक रूप से अस्थिर तक कह दिया।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां सैन्य अधिकारियों से संतुलित और जिम्मेदार बयान की अपेक्षा की जाती है, वहीं इस तरह की भाषा और हावभाव पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किरकिरी का कारण बनते नजर आ रहे हैं।

