सिरसा 7 जनवरी (आरएनएस)। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन के निर्देशानुसार सिरसा पुलिस द्वारा आमजन को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है । इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने आज नेशनल कॉलेज सिरसा के नजदीक बस स्टैंड पर उपस्थित लोगों से कहा कि यूजर्स की नासमझी व लापरवाही के कारण लोग अक्सर साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं । उन्होंने आमजन को साइबर क्राइम के बारे जागरुक करते हुए कहा कि डिजिटलाइजेशन के जमाने में साइबर अपराधी नित नए- नए तरीके अपनाकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है । उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं । उन्होंने कहा कि आमजन को पता होना चाहिए की डिजिटल अरेस्ट क्या है । उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे है,इसी को डिजिटल अरेस्ट का नाम दिया गया है । साइबर थाना प्रभारी ने कहा कि दरअसल, साइबर ठग अब सरकारी एजेंसियों के नाम पर लोगों को डरा धमकाकर पैसे ऐंठने का काम रहे हैं । साइबर ठग अब पुलिस अधिकारी,सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, रिजर्व बैंक, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य एजेंसियों के नाम पर ब्लैकमेल और डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देकर लोगों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार बना रहे है । उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में पीडि़तों को ‘डिजिटल अरेस्टÓ का सामना करना पड़ता है और उनकी माँग पूरी न होने तक पीडि़त को स्काइप या अन्य वीडियो कॉन्फ्ऱेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म पर धोखेबाज़ों के लिए उपलब्ध रहने के लिए मजबूर किया जाता है । ये जालसाज़ पुलिस स्टेशनों और सरकारी कार्यालयों की तजऱ् पर बनाए गए स्टूडियो का उपयोग करने में माहिर होते हैं और असली दिखने के लिए वर्दी तक भी पहनते हैं । उन्होंने कहा कि आधुनिकता व डिजिटलाइजेशन के इस दौर में साइबर ठगी से बचने के लिए अपने आप को सावधान व सतर्क रखें,क्योकिं सावधानी व सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का बेहतर उपाय है । साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने उपस्थित लोगों से कहा कि घर में रहने वालीं महिलाएं डिजिटल अरेस्ट की चपेट में ज्यादा आ रही हैं,क्योकिं स्कैमर्स महिलाओं को जल्दी अपने जाल में फंसा लेते है और कहते है कि आपका बेटा -बेटी या आपके पति को किसी फ्रॉड में अरेस्ट कर लिया गया है, और उन्हें छोडऩे की एवज में पैसों की डिमांड करते है,या बैंक से संबंधित अकाउंट डिटेल मांग लेते है । महिलाए डर की वजह से पैसे भेज देती है या फिर बैंक से संबंधित डिटेल सांझा कर देती है । इस तरह से साइबर फ्रॉड करने वाले अपने मंसूबो में कामयाब हो जाते है । उन्होंने आमजन को सलाह देते हुए कहा कि इस तरह के फर्जी लिंक से सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें क्योकिं ऐसा करने से आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते है । पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि नागरिकों के पास इस प्रकार का कोई फोन आए तो तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करना चाहिए और तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल कर इसकी सूचना दें सकते हैं ।
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