वॉशिंगटन डीसी ,08 जनवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों से जुड़े एक प्रस्तावित कानून को मंजूरी दे दी है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस विधेयक में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कड़े आर्थिक कदम उठाने का प्रावधान है। इनमें भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर 500 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है।
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने जानकारी दी कि बुधवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ उनकी बैठक हुई, जिसमें इस बिल को समर्थन देने पर सहमति बनी। यह विधेयक पिछले कई महीनों से तैयार किया जा रहा था और इसे अगले सप्ताह संसद में मतदान के लिए पेश किए जाने की संभावना है।
इस प्रस्तावित कानून का नाम ‘सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025Ó रखा गया है। इसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बनाना है। अमेरिका का मानना है कि इस तरह की खरीद से रूस को युद्ध जारी रखने में आर्थिक मदद मिल रही है।
फिलहाल अमेरिका रूसी तेल से जुड़े लेनदेन पर पहले ही 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा चुका है। यदि यह नया बिल पारित हो जाता है, तो भारत के लिए चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। वर्तमान में भारत पर कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लागू हो चुका है।
इन शुल्कों के कारण भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे भारत के निर्यात पर भी असर पड़ा है। इसी मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है।
भारत की मांग है कि उस पर लगाए गए कुल 50 प्रतिशत शुल्क को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को पूरी तरह हटाया जाए। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत से नए साल में किसी ठोस समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
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