मेरठ 15 जनवरी (आरएनएस)। मकर संक्रांति के पर्व पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने कोई राहत नहीं दी। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने शहरवासियों को घरों में कैद कर दिया है और ठंड के नखरे लगातार बने हुए हैं। मेरठ में सुबह से सर्दी का कहर शुरू हो जाता है।सुबह से ही ठिठुरा देने वाली शीतलहर चलनी शुरू हो जाती है और दिन में धूप भी बेअसर दिखाई दे रही है।
शीतलहर से बढ़ी परेशानी
शीतलहर के चलते दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और देर शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। ठंडी हवाओं और कम धूप के कारण ठंड का असर और तेज हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। कई दिनों से सूरज के दर्शन सीमित समय के लिए ही हो पा रहे हैं, जिससे सर्दी से राहत नहीं मिल रही।
बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा असर
ठंड बढऩे के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी हो रही है। सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाएं सड़कों पर वाहनों की रफ्तार को भी प्रभावित कर रही हैं।
18 जनवरी तक ठंड के आसार
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल शीतलहर से राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में भी ठंड का असर बना रह सकता है और 18 जनवरी तक मौसम में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।
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